इंटरनेट पर हुई दोस्ती बनी मौत की वजह, देहरादून में B.Com छात्र ने 48 वर्षीय व्यक्ति की चाकू से की हत्या

देहरादून: राजधानी देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र स्थित देवऋषि एन्क्लेव (देहराखास) में इंटरनेट के माध्यम से हुई दोस्ती एक व्यक्ति की मौत की वजह बन गई। 20 वर्षीय बी.कॉम द्वितीय वर्ष के छात्र ने कथित तौर पर विवाद के बाद 48 वर्षीय व्यक्ति की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को घटनास्थल से ही हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम मृतक की बहन मीनाक्षी ने कोतवाली पटेलनगर पुलिस को सूचना दी कि उनके भाई पर किसी व्यक्ति ने चाकू से हमला कर दिया है। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मकान के भूतल पर स्थित कमरे में 48 वर्षीय दीपक गुप्ता नग्न अवस्था में छाती के बल पड़े मिले। कमरे में चारों ओर खून फैला हुआ था और उनकी गर्दन के पिछले हिस्से पर चाकू के कई गहरे घाव थे। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौके से ही आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर मौके से ही रोहन प्रजापति (20 वर्ष) निवासी प्रधान वाली गली, माजरा (पटेलनगर) को हिरासत में लिया। मृतक के भाई राकेश गुप्ता की तहरीर के आधार पर कोतवाली पटेलनगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में हुआ खुलासा
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एक निजी शिक्षण संस्थान में बी.कॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। उसकी और दीपक गुप्ता की पहचान इंटरनेट के माध्यम से हुई थी। दीपक के बुलाने पर वह उनके घर पहुंचा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्से में आकर उसने कमरे में पड़े चाकू से दीपक पर कई वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
लखनऊ के रहने वाले थे मृतक
पुलिस जांच में सामने आया कि दीपक गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के निवासी थे और वर्ष 2004 से देहरादून में अपने भाई-बहनों के साथ रह रहे थे। करीब सात से आठ वर्ष पहले उनका अपनी पत्नी से तलाक हो चुका था।
हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही दोनों के बीच संबंध, मुलाकात की परिस्थितियों और विवाद की वास्तविक वजह की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।



