उत्तराखंड

बदरीनाथ धाम में कथित दान विवाद पर गरमाई सियासत, कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला का मौन व्रत; BKTC अध्यक्ष को हटाने की मांग

चमोली : बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा और दान राशि में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को बदरीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मंदिर परिसर के सिंह द्वार के बाहर करीब एक घंटे का मौन व्रत रखकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को पद से हटाने की भी मांग उठाई।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

मौन व्रत के दौरान विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन संस्कृति से जुड़ा है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक या एसआईटी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

सरकार पर मामले को दबाने का आरोप

विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार और मंदिर समिति मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

BKTC की चार सदस्यीय समिति कर रही जांच

कथित दान और चढ़ावा गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। साथ ही दान गणना प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।

भैरव सेना ने लगाए हैं आरोप

भैरव सेना नामक संगठन ने BKTC के कर्मचारियों और अधिकारियों पर चढ़ावे की राशि में आर्थिक हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।

राज्यपाल को भेजा गया ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को हटाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस तरह के आरोप श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाते हैं और ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button