उत्तराखंड में मॉनसून का असर तेज, रुद्रप्रयाग में नदियां खतरे के करीब, बदरीनाथ हाईवे मलबे से बंद

देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून की धमाकेदार एंट्री के साथ ही राज्यभर में बारिश का दौर तेज हो गया है। खासकर पहाड़ी जिलों में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित होने लगा है। चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी (संगम क्षेत्र) का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों और तीर्थयात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।
रुद्रप्रयाग में बढ़ रहा नदियों का जलस्तर
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (DDMO) नंदन सिंह राजवार ने बताया कि ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। फिलहाल जलस्तर 622 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरे का स्तर 627 मीटर निर्धारित है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
WhatsApp पर भेजे जाएंगे अलर्ट
प्रशासन ने बताया कि जैसे ही जलस्तर चेतावनी के निशान तक पहुंचेगा, तत्काल व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अलर्ट जारी किए जाएंगे। इसके अलावा सार्वजनिक घोषणाएं और जमीनी स्तर पर टीमों की तैनाती कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए सतर्क किया जाएगा।
4 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रुद्रप्रयाग समेत कई जिलों के लिए 4 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आज देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि हरिद्वार, उत्तरकाशी और चमोली जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
बदरीनाथ नेशनल हाईवे मलबे से बंद
लगातार बारिश के चलते चमोली जिले के गुलाबकोटी क्षेत्र में बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर भारी मलबा और सड़क धंसने की घटना सामने आई है। इससे हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। संबंधित विभागों द्वारा मलबा हटाकर मार्ग खोलने का कार्य जारी है, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश राहत कार्य में बाधा बन रही है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से अनावश्यक रूप से नदी तट और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाने की अपील की है। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करते हुए यात्रा से पहले मौसम और सड़क मार्ग की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।



