उत्तराखंड

नगरासू गुरुद्वारा विवाद के बीच जारी रही चारधाम और हेमकुंड यात्रा, प्रशासन बोला- हालात शांतिपूर्ण

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में निहंग सिखों के डटे रहने का मामला चौथे दिन भी जारी रहा। कर्णप्रयाग तलवारबाजी प्रकरण में गिरफ्तार साथियों की रिहाई, स्थानीय लोगों पर मुकदमा दर्ज करने और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग को लेकर निहंगों ने अपना विरोध जारी रखा है। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम का चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है और यात्राएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा पूरी तरह सुचारू है तथा प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि नगरासू में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है और किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या तनावपूर्ण परिस्थिति नहीं है।

प्रशासन के अनुसार निहंगों से जुड़ा विवाद फिलहाल गुरुद्वारा परिसर तक सीमित है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कुछ निहंग लंगर के लिए गुरुद्वारे पहुंचे थे और बाद में परिसर की छत पर चढ़कर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताने लगे। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंगों के बीच कहासुनी की भी सूचना सामने आई है।

हालांकि हेमकुंड साहिब और बदरीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार जारी है। यात्रियों की संख्या में कोई बड़ी कमी नहीं देखी गई है, लेकिन नगरासू गुरुद्वारे में लंगर ग्रहण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है। तनावपूर्ण माहौल के कारण कई यात्री यहां रुकने के बजाय सीधे अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।

इधर, हेमकुंड यात्रा के दौरान निहंगों के साथ कथित मारपीट और गिरफ्तारी के मामले को लेकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का प्रतिनिधिमंडल डीजीपी दीपम सेठ से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके बाद मामले की जांच चमोली पुलिस से हटाकर हरिद्वार पुलिस को सौंप दी गई है।

कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद में अब क्रॉस मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है। घायल निहंग श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर स्थानीय लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

नगरासू बाजार में इस घटनाक्रम का असर स्थानीय कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है। होटल, लॉज और दुकानों में सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ दिखाई दे रही है। व्यापारियों का कहना है कि जल्द समाधान होने से यात्रा और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को राहत मिलेगी।

स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए गुरुद्वारा परिसर में भारी पुलिस बल और आईटीबीपी की तैनाती की गई है। अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडरी, एसडीएम रुद्रप्रयाग और अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर समाधान के प्रयास कर रहे हैं।

वहीं, शासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुख्यालय से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सचिव गृह शैलेश बगोली ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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