ऋषिकेश में गंगा का कहर: दिल्ली से आए दंपति समेत तीन पर्यटक बहे, देर शाम तक नहीं मिला सुराग

ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में रविवार को गंगा में नहाने के दौरान एक दंपति समेत तीन पर्यटक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और देर शाम तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन तीनों का कोई पता नहीं चल सका। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब पांच बजे दिल्ली के नजफगढ़ निवासी मनीष अपनी पत्नी जानकी के साथ नावघाट क्षेत्र में गंगा स्नान के लिए पहुंचे थे। दोनों जैसे ही गंगा में आगे बढ़े, अचानक तेज जल प्रवाह की चपेट में आ गए और बहने लगे। साथ मौजूद परिजनों ने शोर मचाया, जिसके बाद स्थानीय लोग, जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची।
गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश की गई, लेकिन देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। त्रिवेणीघाट चौकी प्रभारी बिनेश कुमार ने बताया कि दंपति अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ऋषिकेश घूमने आए थे। अंधेरा होने के कारण तलाशी अभियान रोक दिया गया, जिसे सोमवार को दोबारा शुरू किया जाएगा।
प्रतिबंधित युसूफ बीच में भी बहा दिल्ली का युवक
इसी दिन एक अन्य घटना में दिल्ली से आए छह लोगों के दल का 25 वर्षीय राहुल चौहान मुनिकीरेती क्षेत्र के प्रतिबंधित युसूफ बीच पर गंगा में नहाने के दौरान तेज बहाव में बह गया। बताया जा रहा है कि चेतावनी बोर्ड लगे होने के बावजूद युवक और उसके साथी नदी में उतर गए थे। सूचना मिलने पर जल पुलिस और एसडीआरएफ ने मौके पर पहुंचकर तलाश शुरू की, लेकिन राहुल का भी कोई पता नहीं चल सका।
45 दिनों में गंगा में डूबे 17 लोग
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में गंगा में डूबने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले 45 दिनों में 17 लोग गंगा में डूब चुके हैं। इनमें अधिकांश हादसे प्रतिबंधित घाटों और असुरक्षित क्षेत्रों में हुए हैं। पुलिस और एसडीआरएफ लगातार लोगों को सावधानी बरतने और चेतावनी बोर्डों का पालन करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है।
घटना के बाद प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें तथा नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।



