
ऋषिकेश। चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में तीर्थ यात्रियों से अधिक किराया वसूली और अनियमितताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद परिवहन विभाग एक्शन मोड में आ गया है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ऋषिकेश ने ट्रैवल एजेंटों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है।
एआरटीओ (प्रवर्तन) रश्मि पंत की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाए। इसे अंतिम चेतावनी माना जाए। भविष्य में किसी भी अनाधिकृत गतिविधि या नियम उल्लंघन पर ट्रैवल एजेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सात बिंदुओं पर दिशा-निर्देश
विभागीय निरीक्षण में पाया गया कि कई ट्रैवल एजेंट और अनाधिकृत व्यक्ति यात्रियों से अधिक किराया वसूल रहे हैं। इससे यात्रियों का आर्थिक शोषण हो रहा है और देवभूमि उत्तराखंड की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
इसके अलावा अनाधिकृत वाहनों का संचालन और चालकों द्वारा बिना पर्याप्त विश्राम के लंबे पर्वतीय मार्गों पर वाहन चलाने जैसे गंभीर मामले भी सामने आए हैं। अब तक विभाग चालान और वाहन सीज की कार्रवाई करता रहा है, लेकिन अब नियमों के उल्लंघन पर सीधे ट्रैवल एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैवल एजेंटों के लिए अनिवार्य निर्देश
यात्रा कार्यालय के बाहर लाइसेंस में शामिल सभी वाहनों और चालकों की सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कर उसकी प्रति और पहचान पत्र की जानकारी एआरटीओ कार्यालय में जमा करनी होगी।
प्रत्येक वाहन के किराये, चालक या स्वामी को दी जाने वाली धनराशि और तय कमीशन का स्पष्ट विवरण रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा।
अभिकर्ता प्रचारक नियमावली-2023 और चारधाम यात्रा दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा।
प्रत्येक यात्रा के बीच वाहन चालकों को पर्याप्त विश्राम दिया जाए।
लाइसेंस में उल्लिखित नाम से ही कार्यालय का संचालन किया जाए।
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि तीर्थ यात्रियों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



