गृह मंत्री अमित शाह का यह तीखा बयान छेड़ सकता है नई बहस : वायरल पोस्ट/ फोटो

नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का एक बड़ा बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल हो रहे एक पोस्टर में गृहमंत्री के हवाले से देश के पहले मुस्लिम गृहमंत्री और कश्मीर की तत्कालीन स्थिति पर तीखा प्रहार किया गया है।
वायरल फोटो के अनुसार, अमित शाह ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पहले मुस्लिम गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद साल 1989 में पद पर आसीन हुए थे। बयान में आरोप लगाया गया है कि उनके कार्यकाल के शुरू होते ही साल 1990 में कश्मीर ‘हिंदू विहीन’ हो गया था। यह सीधा इशारा 1990 के उस दौर की ओर है जब घाटी से कश्मीरी पंडितों को भारी हिंसा के बीच अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था।
यह बयान विपक्षी दलों और सत्ता पक्ष के बीच एक नई बहस छेड़ सकता है। जहाँ भाजपा समर्थक इसे इतिहास की कड़वी सच्चाई बता रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश करार दे रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयानों से आगामी चुनावों और कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा एक बार फिर गर्म हो सकती है।

क्या अमित शाह ने यह बयान दिया है ?
वायरल पोस्टर/फोटो में दावा किया गया बयान, ऐसा कोई भी अमित शाह का प्रमाणित/रिकॉर्डेड बयान नहीं मिला है।



