
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की महत्वपूर्ण अवसंरचना एवं विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में आयोजित बैठक में प्रगति पोर्टल के माध्यम से परिवहन, ऊर्जा, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन समेत विभिन्न विभागों की कुल 12 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिनकी कुल लागत लगभग 6,940 करोड़ रुपये है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजनाओं की मुख्यमंत्री स्तर पर हर माह और मुख्य सचिव स्तर पर प्रत्येक 10 दिन में समीक्षा की जाए। साथ ही, जिन परियोजनाओं में 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें 15 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए।
देरी पर तय होगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि परियोजनाओं में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यकतानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, पर्यावरणीय मंजूरी, भूमि हस्तांतरण और क्षतिपूर्ति भुगतान जैसे कारणों से लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में देरी का असर केवल निर्माण कार्यों पर ही नहीं, बल्कि जनहित और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। इसलिए सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
इन परियोजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में रामनगर आईएसबीटी, रानीखेत बस टर्मिनल, ताड़ीखेत डिपो एवं कार्यशाला, बनबसा और रुद्रप्रयाग विद्युत उपकेंद्र परियोजनाएं, चारधाम सड़क परियोजना, अस्कोट-लिपुलेख मार्ग, माणा पास सड़क परियोजना तथा हरिद्वार और काशीपुर क्षेत्र की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारियों को भी दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जिला स्तर पर लंबित मामलों की व्यक्तिगत निगरानी करें और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रगति पोर्टल को प्रभावी निगरानी तंत्र के रूप में उपयोग करते हुए प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
राज्य के विकास के लिए अहम हैं परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं, विद्युत अवसंरचना और परिवहन सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं राज्य के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनके समय पर पूरा होने से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षित स्तर से कम है, उनके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र परिणाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित हो सके।



