
देहरादून: नोएडा के बाद अब देहरादून में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर श्रमिकों का आक्रोश फूट पड़ा। ट्रांसपोर्टनगर स्थित विंडलास कंपनी के बाहर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया, जो बाद में उपद्रव और पथराव में बदल गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 600 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
कंपनियों की तहरीर पर कार्रवाई
ग्लोबल मेडिकिट लिमिटेड और लाइटेनियम टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया। आरोप है कि कुछ लोग संगठित होकर श्रमिकों को भड़का रहे थे और फैक्ट्री परिसर व पुलिस पर पथराव किया गया।
थानाध्यक्ष लोकपाल परमार के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर की गई।
250 कर्मचारी सुबह से धरने पर
रविवार को छुट्टी के बावजूद सुबह करीब 10 बजे लगभग 250 कर्मचारी कंपनी के बाहर एकत्रित हुए और धरने पर बैठ गए। कर्मचारी नेता दिनेश लाल ने कहा कि लंबे समय से वेतन वृद्धि नहीं हुई है, जिससे श्रमिकों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने वेतन बढ़ोतरी के साथ-साथ महिलाओं के लिए परिवहन सुविधा, प्लांट में सीसीटीवी कैमरे, अतिरिक्त साप्ताहिक अवकाश, टिफिन ले जाने की अनुमति और कैंटीन व्यवस्था सुधारने की मांग रखी।
प्रशासन का सख्त रुख, धारा 163 लागू
सेलाकुई और सिडकुल औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। डीएम सविन बंसल के निर्देश पर एडीएम प्रशासन कृष्ण कुमार मिश्रा ने आदेश जारी किया।
प्रबंधन-श्रमिक वार्ता में आंशिक सहमति
मोहब्बेवाला स्थित विंडलास बायोटेक लिमिटेड में भी श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। श्रम विभाग और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में वार्ता हुई। ओवरटाइम भुगतान, महिलाओं के लिए परिवहन सुविधा और कार्यस्थल पर कैमरे बढ़ाने की मांगों पर प्रबंधन ने सहमति जताई है।
फिलहाल पुलिस क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ाए हुए है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।



