रेखा आर्य से जुड़ी 210 करोड़ की कथित संपत्ति के आरोपों की जांच की मांग, सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत

देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़ी 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। अधिवक्ता एवं कानूनराज के संस्थापक पंकज सिंह क्षेत्री ने 17 अक्टूबर को सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखंड में लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के अनुसार, रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू ने 16 अक्टूबर 2026 को जारी एक वीडियो में मंत्री के पास लगभग 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति होने का आरोप लगाया था। इस आरोप के बाद अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने संबंधित जांच एजेंसी से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि किसी सार्वजनिक पद पर आसीन व्यक्ति से संबंधित इतनी बड़ी राशि की कथित संपत्ति का मामला सामने आने पर निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल वीडियो में आरोप लगाए जाने से उनकी सत्यता साबित नहीं होती। इसलिए संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जानी चाहिए।
संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच की मांग
शिकायत में संबंधित व्यक्तियों की चल-अचल संपत्तियों, आय के ज्ञात एवं वैध स्रोतों, निवेश, बैंक खातों, एफडी, शेयरों, कंपनियों और अन्य वित्तीय हितों से जुड़े अभिलेखों की नियमानुसार जांच करने की मांग की गई है। इसके साथ ही यह पता लगाने का अनुरोध किया गया है कि संबंधित संपत्तियां वैध आय से अर्जित की गई हैं या नहीं और उनके संबंध में आवश्यक वैधानिक घोषणाएं प्रस्तुत की गई हैं या नहीं।
शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(b) और 13(2) का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि जांच में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत अपराध के पर्याप्त आधार मिलते हैं, तो नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग
पंकज सिंह क्षेत्री ने मांग की कि मामले की जांच ऐसे सक्षम अधिकारी से कराई जाए, जिस पर अनुचित दबाव या पक्षपात की आशंका न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए और निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों तथा लागू कानून के आधार पर निकाले जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले का उद्देश्य किसी की राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। यदि आरोप निराधार हैं, तो निष्पक्ष जांच से स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने सतर्कता अधिष्ठान से शिकायत पर संज्ञान लेकर प्रारंभिक जांच करने, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। इस दौरान अधिवक्ता अल्का शर्मा और अधिवक्ता अजय धीमान भी मौजूद रहे।



