
देहरादून। जनपद के डोईवाला थाना क्षेत्र से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को कथित रूप से प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किए जाने का आरोप लगा है। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिचय का उठाया फायदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाबालिग अपनी मां और भाई के साथ किराए के मकान में रहती है। पड़ोस में रहने वाले परिवार से दोनों पक्षों के बीच पहले से अच्छे संबंध थे और एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। आरोप है कि इसी परिचय का फायदा उठाकर आरोपियों ने किशोरी को प्रभावित करना शुरू किया।
मां की गैरमौजूदगी में मुलाकात
पीड़िता की मां का कहना है कि उसकी अनुपस्थिति में आरोपी युवक घर आता था और नाबालिग से मिलता था। इस दौरान उसने किशोरी को अपने प्रेमजाल में फंसाने के साथ-साथ एक विशेष धर्म से जुड़े पहनावे, भाषा और तौर-तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे किशोरी पर इसका असर भी पड़ने लगा।
धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने का आरोप
मां ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने मिलकर उसकी बेटी को बहलाया-फुसलाया और धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया। उन्होंने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इन धाराओं में केस दर्ज
थाना प्रभारी प्रदीप कुमार राणा के अनुसार, 21 मार्च की शाम शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 की धारा 3 और 5 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच जारी
मामले की जांच उपनिरीक्षक भावना को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



