
देहरादून। राजधानी देहरादून में एलपीजी संकट के बीच जिला प्रशासन ने एक गैस एजेंसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन के सख्त आदेशों के बावजूद होम डिलीवरी नहीं करने और सीधे गोदाम से गैस वितरण करने के आरोप में शिमला बाईपास रोड स्थित शहीद हीरा गैस सर्विस (नया गांव पेलियो) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन ने एजेंसी के 854 गैस सिलेंडर भी जब्त कर लिए हैं।
प्रशासन को शिकायत मिली थी कि संबंधित गैस एजेंसी प्रशासन के होम डिलीवरी संबंधी आदेशों की अनदेखी कर रही है और ट्रक से सीधे गोदाम पर गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। इसके कारण मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
854 सिलेंडर किए गए जब्त
उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, तहसीलदार और जिला पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम क्यूआरटी के साथ मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पाया गया कि एजेंसी ट्रक के माध्यम से सीधे गोदाम में गैस सिलेंडर का वितरण कर रही थी।
प्रशासनिक आदेशों के उल्लंघन पर प्रवर्तन दल ने एजेंसी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत पटेलनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। टीम ने मौके पर मौजूद सभी सिलेंडरों को जब्त कर जिला पूर्ति अधिकारी और संबंधित तेल कंपनी की सुपुर्दगी में दे दिया।
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि कुल 854 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
दो दिन में तीसरा मुकदमा
देहरादून में रसोई गैस की किल्लत के बीच कालाबाजारी और नियमों की अनदेखी के मामलों में प्रशासन सख्ती बरत रहा है। बीते दो दिनों में यह तीसरा मुकदमा दर्ज किया गया है। शनिवार को डोईवाला और वसंत विहार में भी ऐसे मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया था। डोईवाला में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।
गैस एजेंसी पर हंगामा
इधर जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी पर रविवार को भारी हंगामा हो गया। बड़ी संख्या में उपभोक्ता खाली सिलेंडर लेकर गोदाम पहुंच गए, लेकिन एजेंसी संचालकों ने प्रशासन के होम डिलीवरी नियमों का हवाला देकर गैस देने से मना कर दिया।
इससे नाराज लोगों और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। बसंत विहार थाना प्रभारी अशोक राठौर ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत कराया।
चूल्हे पर खाना पकाने को मजबूर लोग
रसोई गैस की किल्लत के कारण शहर के कई परिवार अब चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हो गए हैं। लोग बाजार से लकड़ी खरीदकर ला रहे हैं, जबकि कुछ लोग जंगल से लकड़ी लाकर काम चला रहे हैं।



