जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को सौंपा 13 सूत्रीय मांग पत्र

देहरादून: प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, उत्तराखंड ने शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को विस्तृत 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। संघ ने शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगतियों, पदोन्नति, पेंशन और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों के शीघ्र निस्तारण की मांग की है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के कारण शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मांग पत्र में प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं—
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
टीईटी से छूट: वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को माननीय उच्चतम न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के निर्णय के क्रम में टीईटी परीक्षा से मुक्त रखने हेतु राज्य विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से कानून बनाने की मांग।
त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था: जूनियर हाईस्कूल/प्रारंभिक शिक्षक संवर्ग को पीआरटी, टीजीटी, पीजीटी त्रिस्तरीय कैडर से विकल्प के आधार पर जोड़ने तथा एलटी समायोजन संबंधी ड्राफ्ट में संघ के सुझाव शामिल कर शीघ्र लागू करने की मांग। साथ ही सभी जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक व अंग्रेजी शिक्षक सहित 5 पद सृजित कर पृथक इकाई के रूप में संचालित करने की मांग।
4600 ग्रेड वेतन पर वेतनमान 17140 का लाभ: राजकीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों को समान कार्य के सिद्धांत के आधार पर 4600 ग्रेड वेतन प्राप्त तिथि से 17140 रुपये वेतनमान देने तथा ‘नोशनली’ शब्द हटाकर वेतन वसूली से मुक्त करने की मांग।
तीन पदोन्नति सुनिश्चित की जाए: कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-2 के आदेश के अनुरूप प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापकों को पूर्ण सेवाकाल में 3 पदोन्नतियां सुनिश्चित की जाएं।
अंग्रेजी विषय का अनिवार्य पद: सभी जूनियर हाईस्कूलों में पांचवां पद अंग्रेजी विषय शिक्षक का अनिवार्य रूप से सृजित किया जाए।
पुरानी पेंशन बहाली: 2005 की एक समान विज्ञप्ति के आधार पर नियुक्त सभी जनपदों के शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।
अंतर्जनपदीय स्थानांतरण: प्रारंभिक/जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों को भी माध्यमिक शिक्षकों की भांति एक बार अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की सुविधा दी जाए।
सातवें वेतनमान के बाद वेतनवृद्धि: चयन प्रोन्नत वेतनमान और पदोन्नति पर एक वेतनवृद्धि का शासनादेश जारी किया जाए।
आहरण वितरण अधिकारी नियुक्ति: समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित विद्यालयों में उप शिक्षा अधिकारियों को आहरण वितरण अधिकारी बनाया जाए।
निःशुल्क चिकित्सा सुविधा: राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के तहत शिक्षकों को ओपीडी सहित केंद्र के समान दरों पर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाए।
खेल प्रतियोगिताओं के लिए बजट: संकुल स्तर पर 75 हजार, विकासखंड स्तर पर 1.5 लाख और जनपद स्तर पर 3 लाख रुपये वार्षिक खेल आयोजन हेतु आवंटित किए जाएं।
सीपीएड प्रशिक्षित शिक्षकों का समायोजन: एलटी व्यायाम के 30% पदों पर विभागीय पदोन्नति/समायोजन हेतु सेवा नियमावली में संशोधन किया जाए।
5400 ग्रेड वेतन पाने वालों को बोनस: चयन/प्रोन्नत वेतनमान से 5400 ग्रेड वेतन पाने वाले शिक्षकों को बोनस दिया जाए या उन्हें राजपत्रित अधिकारी घोषित किया जाए।
संघ पदाधिकारी
मांग पत्र पर संघ के अध्यक्ष सूरज मन्द्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विशाल सिंह सिंधववाल, कोषाध्यक्ष सुरक्षा चौहान, वरिष्ठ संयुक्त मंत्री अनूप कुमार भट्ट और महामंत्री अश्वनि कुमार भट्ट के हस्ताक्षर हैं।
संघ ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार शिक्षकों की समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लेकर शीघ्र समाधान करेगी, जिससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।



