मानवता की मिसाल: जिला प्रशासन ने कैंसर मरीज के परिवार को ऋणमुक्त कराया, 50 हजार की सहायता दी

देहरादून। मुख्यमंत्री के निर्देशों को धरातल पर उतारते हुए जिला प्रशासन देहरादून लगातार मानवीय संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई के साथ जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने का कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न जिला स्तरीय प्रोजेक्ट, सीएसआर फंड, रायफल क्लब मद तथा अन्य उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से अनेक असहाय एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है।
इसी क्रम में रायपुर विकासखण्ड के दूरस्थ ग्राम मालदेवता निवासी संध्या रमोला, जिनके पति गले के कैंसर से पीड़ित हैं, को जिला प्रशासन ने बड़ी राहत प्रदान की है। परिवार पर लगभग 71 हजार रुपये का ऋण बकाया था तथा इलाज और घरेलू खर्चों के चलते आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से पूरी ऋण राशि जमा कराते हुए परिवार को ऋणमुक्त कराया। इसके अतिरिक्त रायफल क्लब मद से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
संध्या रमोला ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए बताया कि उनके पति का इलाज हिमालय अस्पताल में चल रहा है। लगातार कीमोथेरेपी के कारण वे कार्य करने में असमर्थ हो गए हैं, जबकि परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर निर्भर थी। परिवार में दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी आयु लगभग तीन और छह वर्ष है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 एवं 2025 में स्वयं सहायता समूह संचालन एवं स्वरोजगार के लिए बैंक से ऋण लिया गया था, लेकिन पति की गंभीर बीमारी के चलते वह ऋण की किश्तें जमा नहीं कर पाईं। परिणामस्वरूप बैंक द्वारा लगभग 71 हजार रुपये जमा करने का नोटिस जारी किया गया और एजेंटों के दबाव से परिवार मानसिक तनाव में भी था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सीएसआर फंड से 71 हजार रुपये सीधे ऋण खाते में जमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही बैंक को नो ड्यूज प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त रायफल क्लब मद से डीबीटी के माध्यम से 50 हजार रुपये की सहायता राशि संध्या रमोला के खाते में भेजी गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे परिवार जो किसी कारणवश योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं अथवा आकस्मिक संकट का सामना कर रहे हैं, उन्हें जिला प्रशासन हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।



