हाईकोर्ट ने आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए

उत्तराखंड में शराब की दुकानों की लॉटरी और रिन्यूअल के लिए सरकार द्वारा कम समय देने के मामले में हाईकोर्ट नैनीताल ने आवंटन प्रक्रिया पर स्टे लगा दिया है। हाईकोर्ट ने आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने शासन को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। उत्तराखंड में आबकारी विभाग की नई शराब नीति की घोषित होने के बाद 31 मार्च तक शराब ठेकों के आवंटन की प्रक्रिया को फाइनल किया जाना था।
इसके बाद शराब के शौकीनों को थोड़ा सस्ती शराब मिलना तय माना जा रहा था। हालांकि इन दुकानों के रिन्यूअल और लॉटरी प्रक्रिया के कुछ बिंदुओं से असहमत कारोबारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सूत्र आपको बताते चलें आबकारी विभाग ने 29 मार्च को रिन्यू की अंतिम डेट रखी हैं। वही 31 मार्च को लॉटरी की तारीख घोषित कर दी है सवाल यह भी उठता है कि आबकारी विभाग द्वारा अभी तक शराब के ब्रांड के स्लेब तक घोषित नहीं किए गए हैं।
ऐसे में कैसे शराब कारोबारी बिना पता किए कि उनकी दुकान में कितना कोटा होगा अपनी दुकान को रिन्यू कर सकते थे। इसलिए मामला कोर्ट तक पहुंच गया। हालांकि आनन फानन में विभाग ने स्लेब की लिस्ट जारी की है। सचिव आबकारी हरिचंद सेमवाल ने बताया है कि अदालत से पॉलिसी पर किसी भी प्रकार की कोई टिप्पणी अथवा रोक नहीं आई है समय को लेकर हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं इस बाबत जल्द ही हाईकोर्ट में विभाग अपना जवाब प्रस्तुत करेगा।