उत्तराखंड

झंडे जी के आरोहरण को उमड़ा आस्था का सैलाब, जाने इस साल किसने चढ़ाया दर्शनी गिलाफ

देहरादून। राजधानी देहरादून में स्थित श्री गुरु राम राय दरबार साहिब में निशान साहिब (ध्वज दंड) के आरोहण की प्रक्रिया शनिवार को पूरी हुई। इस अवसर पर 3 तरह के अलग-अलग गिलाफ के आवरण झंडा जी पर चढ़ाए गये। इस वर्ष पंजाब के हरभजन सिंह ने दर्शनी गिलाफ चढ़ाया। लगभग 104 साल पहले हरभजन के परिजनों ने इसके लिए बुकिंग करवाई थी। दर्शनी गिलाफ चढ़ाने के लिए साल 2132 तक के लिए बुकिंग हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि शनिवार सुबह 7 बजे से श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने विशेष पूजा अर्चना की। जिसके बाद श्री झण्डे जी को उतारने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद संगतों द्वारा दूध, दही, घी, मक्खन, गंगाजल और पंचगव्यों से श्री झण्डे जी को स्नान कराया गया। विधिवत वैदिक विधान से पूजा अर्चना के बाद अरदास की गयी। दस बजे से श्री झण्डे जी पर गिलाफ चढ़ाने का कार्य शुरू किया गया। दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच श्री दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुआई में श्री झण्डे जी का आरोहण किया गया। गुरुद्वारा परिसर में 5 एलईडी स्क्रीनों सहित फेसबुक,यूट्यूब पर लाइव प्रसारण किया गया।

श्री झंडा जी साहेब पर गिलाफ चढ़ाने का काम लगभग पूरा हो गया है। जगह जगह से आई संगतों ने श्रद्धाभाव के साथ गिलाफ चढ़ाने के कार्य को सम्पन्न किया। बता दें श्री झण्डे जी पर तीन तरह के गिलाफों का आवरण होता है। सबसे भीतर की ओर सादे गिलाफ चढ़ाए जाते हैं। इनकी संख्या 41 (इकतालीस) होती है। मध्यभाग में शनील के गिलाफ चढ़ाए जाते हैं। इनकी संख्या 21 (इक्कीस) होती है। सबसे बाहर की ओर दर्शनी गिलाफ चढ़ाया जाता है। इनकी संख्या 1 (एक) होती है।

श्री दरबार साहिब देहरादून के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुआई में 1 अप्रैल को ऐतिहासिक नगर परिक्रमा होगी। नगर परिक्रमा सुबह 7ः30 बजे प्रारम्भ होगी। नगर परिक्रमा में 25 हजार से अधिक संगंतें शामिल होंगी। श्री झण्डे जी आरोहण के तीसरे दिन नगर परिक्रमा का आयोजन किया जाता है।

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