उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित, मांगों पर बनी सहमति; 4 नवंबर तक मिलेगा वेतन और बोनस

देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों की 30 अक्टूबर से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल स्थगित हो गई है। शनिवार को परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा की अध्यक्षता में रोडवेज कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने अपनी हड़ताल एक दिसंबर तक स्थगित करने का निर्णय लिया है।
बैठक में तय हुआ कि निगम कर्मचारियों को 4 नवंबर तक अगस्त महीने का वेतन दीपावली बोनस सहित जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद नवंबर के अंत तक सितंबर महीने के वेतन का भुगतान किया जाएगा। कर्मचारियों ने पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए हर महीने की सात तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। इस पर अधिकारियों ने वेतन भुगतान व्यवस्था के स्थायी समाधान की दिशा में काम करने का आश्वासन दिया।
समान काम-समान वेतन के प्रस्ताव पर भी सहमति
बैठक में संविदा और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देने के मुद्दे पर भी सहमति बनी। इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार कर शासन और निगम बोर्ड को भेजा जाएगा। इसके अलावा संविदा एवं विशेष श्रेणी के कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को भी बोर्ड के समक्ष रखने पर सहमति बनी।
कर्मचारियों ने नियमितीकरण का मुद्दा भी उठाया। इस पर परिवहन मंत्री ने कहा कि मामले में आगे काम किया जाएगा। हालांकि निगम की मौजूदा वित्तीय स्थिति को नियमितीकरण में एक बड़ी चुनौती बताया गया।
निगम की देनदारियों के समाधान के लिए वित्त विभाग से होगी बातचीत
बैठक में परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति और पुरानी देनदारियों पर भी चर्चा हुई। परिवहन विभाग के सचिव ने बताया कि निगम पर करोड़ों रुपये की पुरानी देनदारी है। इसके स्थायी समाधान के लिए वित्त विभाग से बातचीत कर एकमुश्त समाधान निकालने की जरूरत है।
इसके साथ ही छात्रों, बुजुर्गों और अन्य पात्र लोगों को दी जाने वाली निशुल्क यात्रा के भुगतान का मुद्दा भी उठा। इस योजना के तहत शासन से निगम को मिलने वाली धनराशि जारी होने में करीब दो महीने का समय लग जाता है। कर्मचारियों ने समय पर भुगतान की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता बताई।
निजी बसों के परमिट और बस बेड़े के विस्तार का मुद्दा उठा
कर्मचारी संगठनों ने निगम के निर्धारित रूटों पर निजी बसों को परमिट दिए जाने का विरोध किया। उन्होंने मांग की कि इन रूटों पर निजी बसों का संचालन नहीं किया जाए। इसके अलावा रोडवेज बसों के बेड़े का विस्तार करने का मुद्दा भी उठाया गया, ताकि निगम की आय बढ़ाई जा सके।
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कर्मचारी संगठनों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया गया है। मंत्री की ओर से मांगें जल्द पूरी करने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम की ओर से कार्यक्रम जारी होने के बाद यूनियन उसका अध्ययन करेगी और आगे का निर्णय लेगी। फिलहाल अनिश्चितकालीन हड़ताल को एक दिसंबर तक स्थगित कर दिया गया है।



