उत्तराखंड

उत्तराखंड कांग्रेस की नई कार्यकारिणी घोषित, 40% से ज्यादा युवाओं को जगह; हरीश रावत परिवार का भी दबदबा

देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक रणनीति को धार देते हुए नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। नई टीम में युवाओं और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है। पार्टी के अनुसार, कार्यकारिणी में 40 प्रतिशत से अधिक युवा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इसे संगठन में दूसरी पंक्ति के नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

हरीश रावत परिवार के दो सदस्य कार्यकारिणी में शामिल

 

नई प्रदेश कार्यकारिणी में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के परिवार को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला है। उनके बड़े बेटे वीरेंद्र रावत और विधायक बेटी अनुपमा रावत को प्रदेश कार्यकारी समिति में शामिल किया गया है। हरीश रावत खुद भी समिति में पहले से शामिल हैं।

 

वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के बेटे अभिषेक सिंह और वर्ष 2017 में कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रभुलाल बहुगुणा के बेटे अश्वनी बहुगुणा को प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।

 

संजीव आर्य को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी

 

पूर्व विधायक संजीव आर्य को एआईसीसी में राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। उन्हें उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य का सह-प्रभारी भी बनाया गया है। पार्टी का कहना है कि संगठन में सक्रिय नेताओं और युवाओं को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर जिम्मेदारियां दी गई हैं।

 

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि जनता के बीच सक्रिय रहने वाले युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं के अनुभव का लाभ आगामी चुनाव में पार्टी को मिलेगा।

 

अब मीडिया और सोशल मीडिया टीम पर नजर

 

प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी के गठन के बाद अब पार्टी के मीडिया, सोशल मीडिया और डेटा एनालिसिस विभागों के गठन की तैयारी है। लंबे समय से प्रवक्ताओं की स्थायी नियुक्ति नहीं होने के कारण फिलहाल कामचलाऊ व्यवस्था के तहत मीडिया से जुड़े कार्य संचालित किए जा रहे हैं।

 

सूत्रों के मुताबिक, नई मीडिया टीम में एक मुख्य मीडिया संयोजक के साथ 8 से 10 प्रवक्ताओं का पैनल बनाया जा सकता है। वर्तमान में राजीव महर्षि मीडिया चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी दे सकती है।

 

चुनावी रणनीति को मजबूत करने की तैयारी

 

कांग्रेस की ओर से संगठन स्तर पर कार्यकारी समिति के अलावा घोषणापत्र समिति, अनुशासन समिति, एसआईआर समिति और आरोप पत्र समिति का गठन पहले ही किया जा चुका है। अब मीडिया, सोशल मीडिया और डेटा एनालिसिस टीम के गठन को चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

 

नई टीम के जरिए पार्टी का फोकस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को आगे लाने और चुनावी मुद्दों को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने पर रहने की उम्मीद है।

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