उत्तराखंड

विकासनगर में तीन अनाथ भाइयों पर टूटी कुदरत की मार, बारिश में ढह गया आशियाना

विकासनगर: देहरादून जिले के विकासनगर के भीमावाला गांव में तीन अनाथ किशोर भाई कुदरत की दोहरी मार झेल रहे हैं। माता-पिता के निधन के बाद किसी तरह कच्चे मकान में गुजर-बसर कर रहे तीनों भाइयों का आशियाना मानसून की मूसलाधार बारिश में ढह गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त तीनों भाई घर के अंदर नहीं थे और उनकी जान बच गई। अब उनके सामने रहने के साथ-साथ भोजन और जरूरी सामान का संकट खड़ा हो गया है।

 

भीमावाला निवासी 17 वर्षीय साहिल, 10 वर्षीय इसराइल और 7 वर्षीय सलमान के सिर से पहले ही माता-पिता का साया उठ चुका है। माता-पिता निशा और महफूज के निधन के बाद सबसे बड़ा भाई साहिल मेहनत-मजदूरी कर अपने छोटे भाइयों का पालन-पोषण कर रहा था। तीनों भाई अपने कच्चे मकान में किसी तरह जीवन गुजार रहे थे, लेकिन लगातार हुई बारिश ने उनकी बची-कुची छत भी छीन ली।

 

बारिश के दौरान कमजोर कच्चा मकान अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। हादसे में तीनों भाइयों को चोट नहीं आई, लेकिन घर गिरने के बाद उनके सामने सुरक्षित ठिकाने का संकट पैदा हो गया है। घर में रखा जरूरी सामान और राशन भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में परिवार के पास न तो बारिश से बचने के लिए सुरक्षित छत है और न ही रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के पर्याप्त संसाधन।

 

प्रशासन ने भेजी राजस्व टीम

 

मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर नुकसान का जायजा कराया है। विकासनगर के उपजिलाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि बारिश से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आपदा राहत के तहत जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

 

सामाजिक संगठनों से मदद की अपील

 

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता गुलफाम अहमद ने प्रशासन से तीनों बेसहारा बच्चों को जल्द से जल्द आपदा राहत कोष से सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों से भी बच्चों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है।

 

तीनों भाइयों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित छत और भोजन की व्यवस्था करना है। प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता का आश्वासन मिलने के बाद अब बच्चों और स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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