बेटी को बेचकर रचा अपहरण का ड्रामा, देहरादून पुलिस ने खोला सनसनीखेज राज, चार गिरफ्तार

देहरादून: देहरादून में 15 वर्षीय नाबालिग के कथित अपहरण के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि नाबालिग की मां ने ही अपनी बेटी का विवाह कराने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये में सौदा कर दिया था। सौदे की पूरी रकम नहीं मिलने पर उसने अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। मामले में पुलिस ने नाबालिग की मां समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पीड़िता को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से सकुशल बरामद कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, थाना राजपुर क्षेत्र निवासी महिला ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई, जिसके बाद नाबालिग के मुजफ्फरनगर में होने की जानकारी मिली।
पुलिस टीम ने मुजफ्फरनगर में छापेमारी कर किशोरी को सकुशल बरामद किया और दो आरोपियों मनीष और लवी कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में लवी कुमार ने खुलासा किया कि उसने एक महिला की मदद से नाबालिग को उसकी मां से डेढ़ लाख रुपये में खरीदा था। बाद में उसने किशोरी को दो लाख रुपये में मनीष को बेच दिया, जिसने उससे विवाह करने के उद्देश्य से उसे खरीदा था।
आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुजफ्फरनगर से पिंकी मलिक और देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित आईटी पार्क क्षेत्र से नीलम देवी को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि नाबालिग की मां पूरे सौदे में शामिल थी और उसने ही अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64, 3(5), 65(1), 87, 143 के साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(एल)/6 एवं 16/17 भी मुकदमे में जोड़ दी हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। नाबालिग का चिकित्सकीय परीक्षण और काउंसलिंग कराई जा रही है।



