उत्तराखंड में बंजी जंपिंग के लिए सख्त नियम जल्द लागू, 50 वर्ष से अधिक उम्र वालों को दिखाना होगा फिटनेस सर्टिफिकेट

देहरादून: उत्तराखंड के देवप्रयाग, तपोवन और ऋषिकेश एडवेंचर स्पोर्ट्स, विशेषकर बंजी जंपिंग के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। हालांकि हाल के दिनों में सामने आई कुछ दुखद घटनाओं के बाद पर्यटकों की सुरक्षा और एडवेंचर ऑपरेटरों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार बंजी जंपिंग के लिए नई और सख्त सुरक्षा नियमावली लागू करने की तैयारी में है।
पर्यटन सचिव धीरज गबर्याल ने बताया कि उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) द्वारा बंजी जंपिंग के लिए नई गाइडलाइंस और नियमावली तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया में देश और विदेश के विशेषज्ञों के साथ-साथ सभी संबंधित पक्षों की राय भी ली गई है। नई नियमावली का उद्देश्य एडवेंचर पर्यटन को सख्त कानूनी और सुरक्षा मानकों के दायरे में लाना है। इसे अगले एक महीने के भीतर लागू किए जाने की संभावना है।
50 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए मेडिकल फिटनेस अनिवार्य
नई नियमावली के तहत पर्यटकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को बंजी जंपिंग से दूर रहने की सलाह दी जाएगी।
इसके अलावा 50 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है। बिना वैध स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के किसी भी व्यक्ति को बंजी जंपिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ऑपरेटरों के लिए भी सख्त होंगे सुरक्षा मानक
नई गाइडलाइंस के तहत बंजी जंपिंग संचालित करने वाली कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली प्राकृतिक रबर की बंजी कॉर्ड का उपयोग करना होगा। साथ ही निर्धारित अवधि के बाद कॉर्ड को बदलना अनिवार्य होगा।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए जंपिंग से पहले प्रतिभागी को पैरों के साथ पूरे शरीर पर डबल हार्नेस पहनाना जरूरी होगा। इसके अलावा जंप से पहले कम से कम दो से तीन प्रशिक्षकों द्वारा ट्रिपल चेक प्रोसेस अपनानी होगी, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या मानवीय गलती की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगा सुरक्षित ढांचा
पर्यटन विभाग का मानना है कि नई नियमावली लागू होने के बाद उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म को सुरक्षित और व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा। इससे पर्यटकों का विश्वास बढ़ेगा और राज्य की एडवेंचर पर्यटन छवि भी मजबूत होगी।
हालांकि नियमावली का अंतिम मसौदा अभी तैयार किया जा रहा है, लेकिन सरकार ने संकेत दिए हैं कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



