उत्तराखंड

SIR-2026 कार्यक्रम में लापरवाही पर एक्शन, DM आशीष चौहान ने CEO और SVEEP समन्वयक को जारी किया नोटिस

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता गतिविधियों में कथित लापरवाही के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष चौहान ने मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून तथा SVEEP समन्वयक (विशेष गहन पुनरीक्षण-2026) को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

 

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि के भीतर संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।

 

मतदाता जागरूकता के लिए चल रहा है SIR-2026 अभियान

 

भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड के निर्देशों के अनुसार पूरे प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना, पात्र नागरिकों के नाम जोड़ना, अपात्र प्रविष्टियों को हटाना तथा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूक बनाना है।

 

इसके तहत आयोग द्वारा SVEEP गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर जारी किया गया है, जिसमें विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। SVEEP कार्यक्रम का उद्देश्य मतदान प्रतिशत बढ़ाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

 

जनजागरूकता वाहन कार्यक्रम में मिली खामियां

 

जिला प्रशासन के अनुसार SIR-2026 के अंतर्गत आईटी पार्क के समीप एक जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाना प्रस्तावित था। यह वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने वाला था।

 

हालांकि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कार्यक्रम से संबंधित आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी नहीं की गई थीं, जिसके कारण आयोजन में अनावश्यक विलंब हुआ। जिला प्रशासन ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

 

निर्वाचन गतिविधियों में शिथिलता स्वीकार नहीं

 

जिलाधिकारी आशीष चौहान ने नोटिस में कहा है कि निर्वाचन संबंधी गतिविधियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनके संचालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि मतदाता जागरूकता अभियान निर्वाचन प्रक्रिया का अहम हिस्सा है, इसलिए संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और समयबद्धता के साथ करना चाहिए।

 

तीन दिन में देना होगा जवाब

 

मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून को जारी नोटिस में तीन दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। यदि प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक पाया जाता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने या जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

 

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को निर्वाचन आयोग के कार्यक्रमों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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