केदारनाथ यात्रा में बड़ा फैसला, निर्माणाधीन भीमबली-गरुड़चट्टी मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित!

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने निर्माणाधीन भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ पैदल मार्ग पर तीर्थयात्रियों और आमजन की आवाजाही को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
निर्माणाधीन मार्ग पर बना हुआ है खतरा
प्रशासन के अनुसार भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ पैदल मार्ग पर अभी निर्माण कार्य जारी है। मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और उपयोग योग्य स्थिति में नहीं है। लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्र की संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों के चलते यहां भूस्खलन, पत्थर गिरने और ढलानों के खिसकने का खतरा बना हुआ है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि ऐसे हालात में यात्रियों को इस मार्ग से गुजरने देना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए एहतियातन यह प्रतिबंध लागू किया गया है।
स्थानीय लोगों ने भी जताई थी चिंता
प्रशासन को स्थानीय व्यापारियों, टेंट संचालकों और अन्य हितधारकों की ओर से लगातार शिकायतें और सुझाव प्राप्त हो रहे थे। सभी ने निर्माणाधीन और जोखिमपूर्ण मार्ग पर आवाजाही रोकने की मांग की थी। इन सुझावों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जनहित में यह कदम उठाया है।
बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल होंगे तैनात
डीएम ने पुलिस विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और डीडीएमए गुप्तकाशी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित मार्ग पर मजबूत बैरिकेडिंग की जाए। साथ ही चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और पर्याप्त संख्या में पुलिस व सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग संयुक्त रूप से निगरानी करेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से या जानबूझकर इस निर्माणाधीन मार्ग का उपयोग न कर सके।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील
जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और केवल अधिकृत एवं सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें।
गौरीकुंड मार्ग से यात्रा जारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गौरीकुंड-रामबाड़ा-लिनचोली-केदारनाथ पैदल मार्ग से यात्रा सामान्य रूप से जारी है। श्रद्धालुओं से इसी अधिकृत मार्ग का उपयोग करने की अपील की गई है।



