उत्तराखंड

ईंधन बचत पर सरकार का जोर, परिवहन विभाग ने जारी किए माइलेज बढ़ाने के टिप्स

देहरादून: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी ऊर्जा संसाधनों के सीमित उपयोग पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

इसी क्रम में परिवहन विभाग ने वाहन चालकों के लिए माइलेज बढ़ाने और ईंधन की खपत घटाने संबंधी विस्तृत सुझाव जारी किए हैं।

ऐसे बढ़ाएं वाहन का माइलेज

1. स्मूथ ड्राइविंग अपनाएं

बार-बार तेज स्पीड पकड़ना और अचानक ब्रेक लगाना ईंधन की बर्बादी बढ़ाता है। एक्सीलेटर को धीरे-धीरे दबाएं और संतुलित गति बनाए रखें।

2. सही गियर का उपयोग करें

बहुत लो या बहुत हाई गियर में गाड़ी चलाने से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सड़क और स्पीड के अनुसार उचित गियर चुनें।

3. ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद करें

यदि 30 सेकंड से ज्यादा रेड लाइट पर रुकना हो तो इंजन बंद कर दें। इससे फ्यूल की बचत होती है।

4. टायर प्रेशर नियमित जांचें

कम हवा वाले टायर ईंधन की खपत 5-10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं। सही प्रेशर से इंजन पर कम दबाव पड़ता है और बैलेंस भी बेहतर रहता है।

5. अनावश्यक वजन हटाएं

हर 50 किलो अतिरिक्त वजन से ईंधन खपत में लगभग 2 फीसदी तक वृद्धि हो सकती है। बूट स्पेस में फालतू सामान न रखें।

एसी और क्रूज़ कंट्रोल का सही इस्तेमाल

एसी चलाने से इंजन पर अतिरिक्त भार पड़ता है, जिससे ईंधन ज्यादा खर्च होता है।

एसी चालू हो तो खिड़कियां बंद रखें और पंखे की स्पीड कम रखें।

ऑटोमैटिक वाहनों में हाईवे पर क्रूज़ कंट्रोल का इस्तेमाल माइलेज में 10 फीसदी तक सुधार कर सकता है।

पहाड़ी इलाकों और भारी ट्रैफिक में क्रूज़ कंट्रोल से बचें।

नियमित सर्विसिंग जरूरी

वाहन की समय-समय पर सर्विसिंग कराएं। एयर फिल्टर, इंजन ऑयल और स्पार्क प्लग की नियमित जांच और बदलाव से इंजन की कार्यक्षमता बेहतर रहती है और ईंधन की खपत कम होती है।

वैकल्पिक साधनों को दें प्राथमिकता

जहां संभव हो, कार पूलिंग अपनाएं।

बस, मेट्रो और ट्रेन जैसे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।

कम दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का इस्तेमाल करें।

इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।

सरकार का मानना है कि यदि आमजन इन उपायों को अपनाते हैं तो राज्य स्तर पर ईंधन की खपत में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दें, ताकि आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों मोर्चों पर मजबूती मिल

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