
देहरादून: 13 फरवरी को हुई Staff Selection Commission (SSC) परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के एक और सदस्य को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने परीक्षा केंद्र में सर्वर रूम, लैब और अंडरग्राउंड चैंबर तैयार कर पूरे नेटवर्क को तकनीकी रूप से सेटअप किया था। इस मामले में अब तक गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
नेहरू ग्राम से गिरफ्तारी, राउटर लगाते पकड़ा गया
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर बनाई गई दो विशेष टीमों ने इनपुट विकसित कर मुख्य आरोपी ईश्वरी प्रसाद उर्फ इंद्रजीत शर्मा (निवासी दिल्ली) को नेहरू ग्राम स्थित सैंट जोन्स एकेडमी से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के समय आरोपी लैब में दो इंटरनेट राउटर लगाने की तैयारी कर रहा था। आशंका है कि 18 मई को प्रस्तावित SSC कांस्टेबल जीडी ऑनलाइन परीक्षा में भी सेंध लगाने की योजना थी। इसी संभावना को देखते हुए परीक्षा केंद्र को एहतियातन सील कर दिया गया है और SSC के क्षेत्रीय निदेशक, दिल्ली को सूचना दे दी गई है।
13 फरवरी की परीक्षा में बिछाया गया था पूरा नेटवर्क
14 फरवरी को कोतवाली नगर में दर्ज मुकदमे के बाद मामला एसटीएफ को ट्रांसफर किया गया था। जांच में सामने आया कि 13 फरवरी को महादेवी कन्या पाठशाला परीक्षा केंद्र पर आयोजित मल्टीटास्किंग (नॉन टेक्निकल) स्टाफ और हवलदार ऑनलाइन परीक्षा में आरोपी ने पूरी नेटवर्किंग की थी।
उसने:
परीक्षा लैब में छेड़छाड़
सर्वर रूम से अलग इंटरनेट कनेक्शन
यूपीएस रूम के नीचे अंडरग्राउंड चैंबर
रिमोट एक्सेस के जरिए सॉल्वरों को जोड़ने की व्यवस्था
तैयार की थी।
दिल्ली से सीखा नेटवर्किंग का काम, गैंग से जुड़ाव
पुलिस के अनुसार आरोपी ने दिल्ली में इलेक्ट्रिकल और नेटवर्किंग का काम सीखा था और स्कूल-कॉलेजों में ठेके पर काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात पहले से गिरफ्तार नितेश कुमार और योगेश उर्फ योगी से हुई।
अक्टूबर 2024 में ये लोग देहरादून आए और एमकेपी स्थित महादेव डिजिटल जोन की लैब में सर्वर रूम से केबल जोड़कर यूपीएस चैंबर तक कनेक्शन पहुंचाया, जिससे रिमोट एक्सेस के जरिए परीक्षा प्रश्नपत्र हल कराए जा सकें।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने बरामद किए:
1 लैपटॉप
4 मोबाइल फोन
14 मिनी ब्लूटूथ/रिसीवर डिवाइस
20 बैटरियां
2 इंटरनेट राउटर
सिम बॉक्स
फर्जी आईडी कार्ड
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि नवंबर 2025 में आयोजित टियर-1 मल्टीटास्किंग स्टाफ और क्लेरिकल परीक्षा में नकल के मामले में भी आरोपी फरार चल रहा था। इस केस में पहले रोहतक निवासी दीपक को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सर्वर कम्प्रोमाइज होने की आशंका
जांच में नेहरू ग्राम स्थित सैंट जोन्स एकेडमी समेत कुछ अन्य केंद्रों के सर्वर कम्प्रोमाइज होने की आशंका सामने आई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
एसटीएफ का कहना है कि आगामी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी संदिग्ध केंद्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है। मामले की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।



