
देहरादून। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत दून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रेमनगर क्षेत्र में छात्रों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट में एक छात्र की मौत के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी समेत दो ईनामी अभियुक्तों को पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
23 मार्च की घटना, उपचार के दौरान हुई थी मौत
23 मार्च 2026 की रात केहरी गांव, प्रेमनगर में छात्रों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उपचार के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। परिजनों की तहरीर पर थाना प्रेमनगर में मुकदमा संख्या 55/26 धारा 3(5)/61(2)/103(1)/191(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्त— युवराज कुमार, मधुर खंडेलवाल, शिवम शर्मा और अंकित भारद्वाज— को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पूछताछ और विवेचना में अन्य आरोपियों के नाम सामने आए, जो लगातार फरार चल रहे थे।
एसएसपी की रणनीति से दबोचे गए ईनामी
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस टीमों ने विभिन्न राज्यों में लगातार दबिश दी और सर्विलांस के माध्यम से सुराग जुटाए।
आखिरकार मुख्य अभियुक्त प्रहलाद राज पुत्र विनय सिंह (हाल निवासी सैनिक कॉलोनी फेज-2, प्रेमनगर) और अंकुर सिंह पुत्र पुरुषोत्तम कुमार (हाल निवासी सैनिक कॉलोनी फेज-2, प्रेमनगर) को पश्चिम बंगाल के पुरूलिया जिले के बांगमुण्डी थाना क्षेत्र स्थित एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया गया। दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया जा रहा है।
पहले भी चार आरोपी जा चुके हैं जेल
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फरार रहने के दौरान आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे, लेकिन “ऑपरेशन प्रहार” के तहत गठित टीमों की सक्रियता से आखिरकार उन्हें पकड़ लिया गया।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
गिरफ्तारी अभियान में थाना प्रेमनगर और एसओजी की संयुक्त टीम शामिल रही, जिसमें निरीक्षक, उपनिरीक्षक और विभिन्न थानों के कांस्टेबल शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।



