
हल्द्वानी। हल्द्वानी में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में जान गंवाने वाली 19 वर्षीय लक्ष्मी पोखरिया पढ़ाई में बेहद होनहार छात्रा थी। ओखलकांडा के दुर्गम क्षेत्र मल्ली पोखरी की रहने वाली लक्ष्मी ने हाईस्कूल में 90 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 88 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। बेहतर शिक्षा के लिए वह हल्द्वानी आकर पढ़ाई कर रही थी।
लक्ष्मी वर्तमान में एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और अपने खर्चे निकालने के लिए एक मेडिकल स्टोर में काम भी करती थी।
पांच माह से अलग रह रही थी किराए के कमरे में
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बड़े भाई सुरेश पोखरिया ने बताया कि उनके पिता हेमचंद्र पोखरिया पुरोहित हैं। परिवार में कुल आठ भाई-बहन हैं। गांव में उच्च शिक्षा की सुविधा न होने के कारण लक्ष्मी हल्द्वानी में उनके पास रहने आई थी।
उन्होंने बताया कि करीब पांच माह पहले लक्ष्मी ने कॉलेज के पास रहने की बात कहकर मुखानी क्षेत्र में किराए का कमरा ले लिया था। बीते डेढ़ माह से उससे बातचीत भी नहीं हो पाई थी। पुलिस से फोन पर सूचना मिलने के बाद परिवार को घटना की जानकारी मिली।
दूसरे मृतक शुभम टम्टा का भी संघर्षभरा रहा जीवन
दूसरे मृतक 31 वर्षीय शुभम टम्टा मूल रूप से अल्मोड़ा लोवर माल रोड तल्ला खोल्टा के निवासी थे। हल्द्वानी के डहरिया ओम विहार कॉलोनी में भी उनका घर था और वे अकेले रह रहे थे।
शुभम के पिता किशोरी लाल डाक विभाग में कार्यरत थे, जबकि मां भागीरथी देवी पूर्व प्रधान रही थीं। दोनों का बीमारी के चलते निधन हो चुका है।
नशे की लत से जूझकर बने थे काउंसलर
परिजनों के अनुसार शुभम नशे की लत का शिकार हो गए थे। उन्हें कटघरिया लामाचौड़ स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था, जहां दो-तीन साल रहने के बाद वे पूरी तरह सुधर गए थे। बाद में उन्हें उसी केंद्र में सुपरवाइजर की नौकरी मिल गई थी।
इसके बाद वे एक अन्य नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलर के रूप में कार्य कर रहे थे, लेकिन चार माह पहले उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2021 में शुभम के खिलाफ अल्मोड़ा में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। बताया जा रहा है कि नशे की लत के कारण उन्होंने एक बार अपनी मां के कान के झुमके भी बेच दिए थे, जिसके बाद परिवार ने उन्हें नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।
पुलिस जांच जारी
दोनों युवाओं की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट होगी।



