उत्तराखंड

उत्तराखंड में SIR के बाद 71.58 लाख मतदाता, 17.05 लाख नाम घटे; अब विशेष अभियान में जुड़ेंगे नाम

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार प्रदेश में अब कुल 71,58,949 मतदाता हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड में SIR-2026 की अंतिम सूची 3 अक्टूबर को जारी होने की पुष्टि की गई है।

6 जनवरी 2025 की मतदाता सूची के मुकाबले अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में 17,05,130 की कमी आई है। वहीं इस अवधि में 4,01,276 नाम जोड़े गए। मतदाता सूची में हुई इस बड़ी कमी को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि, 17.05 लाख का आंकड़ा 2025 की सूची और 3 अक्टूबर 2026 की अंतिम सूची के बीच कुल अंतर है, इसे केवल SIR के दौरान हुए विलोपन के रूप में देखना सही नहीं होगा।

SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मतदाता सूची में नाम जोड़ने और छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने SIR वाले राज्यों में पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उत्तराखंड में भी इस दिशा में विशेष कैंप और घर-घर सत्यापन की प्रक्रिया प्रस्तावित है।

प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 8 से 10 अक्टूबर तक सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इस दौरान वर्तमान मतदाता सूची का प्री-SIR से पहले की सूची से मिलान किया जाएगा। इसके बाद 12 से 20 अक्टूबर तक बीएलओ घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं की जानकारी जुटाएंगे, जिनके नाम सूची से हटे हैं लेकिन वे पात्र हैं। पात्र मतदाताओं का नाम दोबारा जोड़ने के लिए मौके पर ही फॉर्म-6 भरवाया जाएगा। निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर भी नए मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 की सुविधा उपलब्ध है।

इस प्रक्रिया में बीएलओ की ओर से जुटाई गई जानकारी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट के साथ भी साझा की जाएगी। इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के साथ ही सूची को अधिक सटीक बनाना है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार प्री-SIR और SIR की अलग-अलग प्रक्रियाओं के दौरान मतदाता सूची में नाम हटाने और जोड़ने की कार्रवाई हुई। SIR से पहले की प्रक्रिया में 7,73,445 नाम हटाए गए और 2,71,404 नाम जोड़े गए। इसके बाद SIR के दौरान भी अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत (ASD) श्रेणी तथा अन्य अपात्र पाए गए मतदाताओं के नामों पर कार्रवाई की गई।

SIR के दौरान 8,26,977 मतदाता ASD श्रेणी में पाए गए, जबकि 1,04,708 मतदाता अपात्र श्रेणी में पाए गए। इसी अवधि में 1,29,872 नाम जोड़े गए। इन प्रक्रियाओं के बाद 3 अक्टूबर को जारी अंतिम मतदाता सूची में प्रदेश में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज किए गए हैं।

अब विशेष अभियान के दौरान ऐसे मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने पर फोकस रहेगा, जो पात्र होने के बावजूद अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। मतदाता अपना नाम अंतिम मतदाता सूची में भी ऑनलाइन जांच सकते हैं और आवश्यक होने पर निर्वाचन आयोग की सेवाओं के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

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