उत्तराखंड रोडवेज बसों में सफर हुआ महंगा, नए टोल प्लाजा से किराया बढ़ा

हरिद्वार: नजीबाबाद मार्ग पर भागूवाला में नया टोल प्लाजा शुरू होने से उत्तराखंड रोडवेज की बसों में सफर करना महंगा हो गया है। काशीपुर, रामनगर, हल्द्वानी समेत कई शहरों के लिए प्रति यात्री किराये में पांच रुपये की बढ़ोतरी की गई है। किराया बढ़ने से यात्रियों में नाराजगी है। यात्रियों का कहना है कि टोल टैक्स के नाम पर बार-बार किराया बढ़ने से आम लोगों के बजट पर असर पड़ रहा है।
नजीबाबाद मार्ग पर भागूवाला से आगे उत्तर प्रदेश की सीमा में नया टोल प्लाजा बनाया गया है। इससे पहले रामनगर और काशीपुर जाने वाले मार्ग पर दो टोल प्लाजा पड़ते थे, लेकिन अब तीसरा टोल प्लाजा शुरू होने से रोडवेज बसों का टोल खर्च बढ़ गया है। इसका भार यात्रियों पर डालते हुए किराये में पांच रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
किराया बढ़ने से यात्री नाराज
यात्रियों का कहना है कि डीजल के दाम बढ़ने पर भी किराये में बढ़ोतरी की जाती है। अब टोल टैक्स के नाम पर अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बार-बार किराया बढ़ने से आम लोगों का बजट प्रभावित होता है, जबकि इसके बावजूद उन्हें खराब सड़कों पर सफर करना पड़ता है।
काशीपुर निवासी राजेंद्र जोशी ने कहा कि कभी डीजल के दाम बढ़ने तो कभी टोल टैक्स के कारण किराया बढ़ा दिया जाता है। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।
हल्द्वानी निवासी हरजीत सिंह ने कहा कि एक ही मार्ग पर कई टोल प्लाजा होने से यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। टोल टैक्स देने के बावजूद खराब सड़कों पर सफर करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से जनहित में समस्या का समाधान करने की मांग की।
रामनगर निवासी अरविंद सती ने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान भी किराया बढ़ा दिया जाता है। साल में तीन-चार बार किराया बढ़ने से यात्रियों को परेशानी होती है। उन्होंने सरकारी बसों को टोल टैक्स से छूट देने की मांग की।
इन शहरों के लिए बढ़ा किराया
नए टोल प्लाजा के शुरू होने के बाद उत्तराखंड रोडवेज बसों के किराये में प्रति यात्री पांच रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद विभिन्न शहरों का किराया इस प्रकार है:
गंतव्य| पुराना किराया| नया किराया
काशीपुर| ₹290| ₹295
रामनगर| ₹330| ₹335
रुद्रपुर| ₹380| ₹385
हल्द्वानी| ₹430| ₹435
टनकपुर| ₹555| ₹560
रुपईडीहा| ₹815| ₹820
किराये में बढ़ोतरी के बाद यात्रियों ने सरकारी बसों को टोल टैक्स से छूट देने और अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत दिलाने की मांग की है।



