उत्तराखंडदेहरादून

दून पुस्तकालय में प्रदर्शित चित्रकला प्रदर्शनी देखने पहुंचे लोग 

देहरादून। दून घाटी के सुप्रसिद्ध कलाकार और कला केन्द्र के संस्थापक द्विजेन सेन की याद में शहर के कला प्रेमियों द्वारा एक वृहत चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र और द्विजेन सेन कला केंद्र के भवन में लगायी गयी यह प्रदर्शनी 26 दिसम्बर, 2025 से आम लोगों और चित्रकला के प्रति रुझान रखने वाले लोगों के लिए लगायी है. जिसे देखने कई लोग लगातार आ रहे हैं। यह प्रदर्शनी इन दोनों जगह 30 दिसंबर, 2025 तक प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक खुली रहेगी।

दून पुस्तकालय के तीसरे तल में लगी चित्र प्रदर्शनी में दून घाटी और प्रदेश से बाहर के चित्र कलाकारों की उत्कृष्ट कलाकृतियां लगी हैं। इन चित्रों में चित्रकारों ने एक से बढ़कर दृश्य चित्र पोर्ट्रेट, लैंड स्केप के चित्र लगाये हैं। कुछ मूर्त्तिकारों की ओर से मूर्तियां भी प्रदर्शित की गयी हैं। सभी चित्र सामाजिक परिवेश, उसकी दृश्य सुंदरता और मानवीय संवेदना, दर्शन के भावों को बहुत खूबसूरती से प्रदर्शित कर रही हैं। प्रदर्शनी में आये कुछ कलाकारों से भी बात हुई. इनमें मेघा कथूरिया, देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में कार्यरत एक पेशेवर कलाकार हैं वे सक्रिय रूप से कला प्रदर्शनियों और कार्यशालाओं का आयोजन और संचालन करती हैं। उनकी कलाकृतियाँ भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घरों की शोभा बढ़ाती हैं और कहानियों, संस्कृति और शाश्वत कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रतिबिंबित करती हैं। कला केन्द्र में कला प्रशिक्षु नवीन कनवासी ने कहा कि दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के आर्ट गैलरी के साथ-साथ कला केन्द्र में लगी इस चित्रकला प्रदर्शनी से कलाकारों को एक शानदार मंच मिला है। इस तरह के आयोजनों से शहर के कला प्रेमियों में भी उत्साह नजर आ रहा है।

वहीं युवा चित्रकार हरि गुरुंग ने बातचीत में बताया कि वे उत्तराखंड पर आधारित चित्रकला के माध्यम से उत्तराखंड को दर्शाने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होनें, बदरीनाथ ऋषिकेश, महादेव, हर की पैड़ी जैसे स्थानों को अपनी चित्रकला में स्थान दिया है। इन दोनों जगहों में कर्नल विजय दुग्गल, कर्नल भारत भण्डारी, जसपाल दुग्गल, आलोक लाल, सतपाल गांधी, भूमेश भारती, मीरा दुग्गल, अंजलि थापा, चन्द्रा बी. रसायली, अरुण पंत, दीपक रावत, मोनू भटनागर, यशस्विनी भटनागर, शिल्पी सिन्हा, लता शुक्ला, मुक्ता जोशी,. हर्षिता, अरविंद गैरोला, अमर सिंह, राहुल शंकर, विक्की आर्या, सुषमा कोहली, राजेन्द्र दत्त कोहली, संजय गुप्ता जैसे कई कलाकारों की कृतियां लगी हुई हैं जो बरबस कला प्रेमियों का ध्यान अपनी तरफ खींच रही हैं।

उल्लेखनीय है कि 1949 से दादा द्विजेंद्र सेन ,ने देश के प्रसिद्ध कलाकारों के साथ दून घाटी में,मूर्तिकला,चित्रकला,के रंगों से जीवंत रखने का सपना संजोया था उसे आज बुद्धा चौक स्थित कला केंद्र की को दादा द्विजेन सेन के मानस पुत्र कर्नल वी के दुग्गल पिछले दो दशक से संचालन कर दादा के सपनों को साकार कर बच्चों के लिए कला केन्द्र को जीवित रखे हुए हैं। ताकि इस ऐतिहासिक कला संस्था जीवंत बनी रह सके। प्रदर्शनी के अवसर पर दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के कार्यक्रम प्रभारी चन्द्रशेखर तिवारी और कला केन्द्र के प्रमुख कर्नल वी. के. दुग्गल ने बताया कि शहर के अनेक लोग प्रदर्शनी में विविध कलाकारों की चित्रकला का अवलोकन कर उनकी कला की सराहना कर रहे हैं। प्रदर्शनी देखने आने वाले दर्शकों में कई चित्रकला प्रेमी, कलाकार और युवा आ रहे हैं।

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