हरिद्वार में निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, चाय के खोखे में मिला शव

हरिद्वार: निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार को नगर कोतवाली क्षेत्र के उत्तरी हरिद्वार स्थित भूपतवाला में लालमाता मंदिर के सामने चाय के खोखे में उसका शव फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
पुलिस के अनुसार, करीब 50 वर्षीय व्यक्ति के चाय के खोखे में फंदे पर लटके होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली पुत्र शंकु राम, निवासी ग्राम मंगरुखाल, भिकियासैंण, अल्मोड़ा के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि मृतक निठारी कांड का आरोपी सुरेंद्र कोली है।
पुलिस जांच में सामने आया कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में नाम बदलकर रह रहा था। वह ‘सदाराम’ नाम से रह रहा था। बताया गया कि पथरी के मुस्ताफाबाद में भी वह कुछ दिन रहा था। चार दिन पहले ही उसने अनिल शर्मा नाम के युवक से भूपतवाला में चाय का खोखा किराए पर लिया था। इसी दुकान में वह रह भी रहा था। आसपास के लोगों को उसने अपना नाम सदाराम बताया था।
पुलिस के मुताबिक, उसकी जेब से मिले आधार कार्ड और वोटर कार्ड के आधार पर उसकी असली पहचान सामने आई। जांच में यह भी पता चला कि हरिद्वार नगर कोतवाली क्षेत्र में आने से पहले वह रोशनाबाद में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को किसी समय सुरेंद्र कोली ने चाय के खोखे के भीतर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आसपास के लोगों ने उसे फंदे पर लटका देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही मृतक के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ कर रही है।
परिवार से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही पुलिस
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, निठारी कांड में गिरफ्तारी के बाद सुरेंद्र कोली के परिवारवालों ने उससे रिश्ता खत्म कर लिया था। बताया गया कि 2006 में गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी आखिरी बार उससे जेल में मिलने आई थी। उसके गृह नगर अल्मोड़ा से मिली जानकारी के अनुसार, उसकी पत्नी ने 2006 में ही उससे रिश्ता खत्म कर लिया था और हरियाणा में किसी अन्य व्यक्ति से विवाह कर लिया था।
बताया गया कि सुरेंद्र कोली के दो भाई हैं। एक भाई अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहता है, जबकि दूसरा भाई अल्मोड़ा के एक निजी स्कूल में शिक्षक है। उसकी भाभी एएनएम का काम करती हैं। पैतृक घर में उसकी मां रहती थीं, लेकिन कुछ वर्ष पहले उनका भी निधन हो गया था।
निठारी कांड में सामने आया था नाम
सुरेंद्र कोली का नाम उत्तर प्रदेश के चर्चित निठारी कांड में सामने आया था। इस मामले में वह आरोपी रहा है। हरिद्वार में उसके नाम बदलकर रहने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अब उसके यहां रहने, परिचितों और पिछले कुछ समय की गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया पारिवारिक क्लेश के चलते आत्महत्या किए जाने की आशंका है। हालांकि आत्महत्या के कारणों की अभी स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।



