HCL फाउंडेशन ने एसजीपीजीआईएमएस, लखनऊ स्थित सलोनी हार्ट सेंटर को प्रदान किए अत्याधुनिक आईसीयू उपकरण

लखनऊ : HCL फाउंडेशन, जो भारत में HCL टेक की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पहल को आगे बढ़ाता है, ने आज संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआईएमएस), लखनऊ स्थित सलोनी हार्ट सेंटर को अत्याधुनिक आईसीयू उपकरण उपलब्ध कराए।
यह पहल उत्तर प्रदेश के पहले समर्पित बाल हृदय केंद्र में गंभीर चिकित्सा अवसंरचना को मजबूत करती है, जो जन्मजात हृदय रोग (CHD) से पीड़ित बच्चों के लिए स्थापित किया गया है। इससे क्षेत्र में विशेष बाल हृदय उपचार और ऑपरेशन के बाद देखभाल तक पहुंच में लंबे समय से बनी कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
HCL फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराए गए अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों में शामिल हैंः
पांडा रेससव्यू वार्मर विद रिससिटेशन ट्रॉली, जो गंभीर हृदय स्थितियों के दौरान एकीकृत पुनर्जीवन सहायता के साथ सुरक्षित तापमान नियंत्रण सुनिश्चित करता है।
एसएलई 6000 – पीडियाट्रिक नियोनेटल वेंटिलेटर, नवजात शिशुओं और शिशुओं के लिए विशेष रूप से तैयार उच्च सटीकता वाला वेंटिलेटर, जो नियंत्रित और कोमल श्वसन सहायता प्रदान करता है।
जीई बिलीसॉफ्ट फाइबर ऑप्टिक फोटोथेरेपी सिस्टम, नवजात पीलिया के उपचार के लिए फोटोथेरेपी प्रणाली, जो विशेष रूप से सीएचडी से पीड़ित उन शिशुओं के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें बार-बार स्थानांतरित नहीं किया जा सकता।
HCL फाउंडेशन के निदेशक निधि पुंधिर ने कहा, “समान स्वास्थ्य सेवा तभी संभव है जब विशेष उपचार की उपलब्धता ‘अपूर्ण जरूरत’ के अनुपात में हो। सलोनी हार्ट सेंटर में उन्नत आईसीयू सुविधाएं उपलब्ध कराकर हम बाल हृदय उपचार श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी को मजबूत करना चाहते हैं, जिससे समय पर हस्तक्षेप, सुरक्षित सर्जरी, गहन पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल और जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के बेहतर जीवन परिणाम सुनिश्चित हो सकें। HCL फाउंडेशन में हमारा ध्यान सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के भीतर दीर्घकालिक और सतत क्षमता निर्माण पर केंद्रित है।”
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में अमित कुमार घोष, आईएएस, अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा, उत्तर प्रदेश सरकार; अवनीश कुमार अवस्थी, आईएएस, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ सलाहकार; हिमांशु सेठ, कार्यकारी अध्यक्ष, सलोनी हार्ट फाउंडेशन; प्रो. राधा के. धीमन, निदेशक, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान; प्रो. एस. के. अग्रवाल, विभागाध्यक्ष, कार्डियोवस्कुलर एवं थोरासिक सर्जरी, एसजीपीजीआईएमएस तथा ऋषि कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, HCL टेक उपस्थित थे।
सलोनी हार्ट सेंटर को सलोनी हार्ट फाउंडेशन (यूएसए) का सहयोग प्राप्त है, जो एक वैश्विक गैर-लाभकारी संस्था है और जिसकी स्थापना जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से पीड़ित एक बच्चे की स्मृति में की गई थी, जिसका जीवन उन्नत बाल हृदय उपचार की उपलब्धता से बचाया गया था। एसजीपीजीआईएमएस परिसर में स्थित यह केंद्र उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की एक बड़ी कमी को दूर करने की दिशा में काम कर रहा है, जहां हर वर्ष अनुमानित 75000 बच्चे सीएचडी के साथ जन्म लेते हैं। पूरी तरह से संचालित होने पर यह 200 बेड वाला विश्वस्तरीय बाल हृदय शिक्षण एवं उपचार अस्पताल होगा, जो प्रतिवर्ष लगभग 5000 सर्जरी करने में सक्षम होगा।



