
हल्द्वानी: मंडी परिसर में बुधवार रात हुई दोहरे हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने बृहस्पतिवार देर शाम सुलझा ली। मामूली विवाद और शराब के नशे में शुरू हुआ झगड़ा इतना भयावह रूप ले गया कि शुभम टम्टा और वारदात की गवाह लक्ष्मी की जान चली गई। आरोपियों ने पास पड़े कंक्रीट के ब्लॉक से बेरहमी से सिर कुचलकर दोनों की हत्या की।
इस जघन्य कांड में गैंगस्टर एक्ट के तहत निरुद्ध गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
विवाद कैसे शुरू हुआ
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि बुधवार रात शुभम टम्टा और दीपेश लटवाल उर्फ राज ने पार्टी की योजना बनाई। शराब पीने के दौरान उन्होंने लक्ष्मी को भी साथ ले लिया। तीनों बाइक से गल्ला मंडी पहुंचे और गोदाम की छत पर शराब पीने लगे।
रात करीब नौ बजे शुभम ने गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर को बुलाया। अक्कू अपने साथ सौरभ भट्ट उर्फ भटिया और दीपू शर्मा उर्फ ध्रुव लेकर पहुंचा। इसी दौरान पुराने विवाद का जिक्र होने पर शुभम और सौरभ में बहस शुरू हुई। मामला बढ़ते ही अक्कू ने दोनों को थप्पड़ मार दिए, जिससे माहौल और बिगड़ गया।
पहले शुभम की हत्या, फिर लक्ष्मी को भी मार डाला
नीचे उतरते समय धक्का-मुक्की में लक्ष्मी लड़खड़ाई, जिसे सौरभ ने पकड़ लिया और छेड़खानी करने लगा। इसके बाद शुभम और सौरभ में मारपीट हुई।
रात करीब पौने 12 बजे आरोपियों ने पास पड़े कंक्रीट ब्लॉक से शुभम के सिर पर 10 ताबड़तोड़ वार किए। लक्ष्मी पूरी घटना की गवाह थी। दीपेश के कहने पर आरोपियों ने लक्ष्मी की भी हत्या कर दी। लक्ष्मी पर सिर्फ दो-तीन वार हुए और वह वहीं गिर पड़ी।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद चारों आरोपी फरार हो गए। उन्होंने मृतकों के मोबाइल फोन अपने साथ ले लिए ताकि कॉल ट्रेस न हो सके। खून से सने कपड़े पास की नहर में धोए।
घटनास्थल पर निर्माण सामग्री के सीमेंट ब्लॉक को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया।
अंतिम कॉल बनी अहम सुराग
गुरुवार सुबह पुलिस ने शव के पास मिले आधार कार्ड से शुभम की पहचान की। जांच में पता चला कि शुभम की आखिरी कॉल गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर को की गई थी। यही पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग साबित हुआ।
सीओ सिटी अमित कुमार सैनी के नेतृत्व में नौ टीमें बनाई गईं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और दबिश दी गई। अंततः चारों आरोपियों को गोरापड़ाव बाईपास मार्ग से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर पर 2020 से 11 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट शामिल।दीपेश लटवाल पर तीन मामले दर्ज हैं, जिनमें नशा तस्करी भी शामिल थी और मृतक शुभम पर अल्मोड़ा में आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज थी।
नशे में धुत आरोपी
घटनास्थल से बकार्डी लेमन रम की खाली बोतलें और अन्य नशीली सामग्री बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, छह लोगों ने शराब पी और नशे की हालत में ही यह जघन्य वारदात की।
इलाके में आक्रोश
मंडी क्षेत्र में अक्सर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है। स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।



