
देहरादून: उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने देहरादून के डोईवाला स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय शेरगढ़ में कथित धार्मिक गतिविधियों और बाल श्रम के मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
आयोग ने मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) देहरादून को पत्र भेजकर 20 अप्रैल तक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
आयोग के अनुसचिव डॉ. सतीश कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में उस शिकायत का उल्लेख किया गया है, जिसमें कक्षा 8 के छात्रों ने स्कूल के प्रधानाध्यापक पर जबरन नमाज पढ़ाने का आरोप लगाया है।
छात्रों ने खुद लिखी शिकायत
मामला तब सामने आया जब विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों ने खुद आयोग को पत्र लिखकर अपनी आपबीती साझा की। छात्रों का आरोप है कि उन्हें स्कूल में जबरन नमाज अदा करने के लिए कहा जाता है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि बच्चों से स्कूल और शौचालयों की सफाई कराई जाती है, जो बाल श्रम की श्रेणी में आता है और बाल अधिकारों का उल्लंघन है। इसके अलावा, स्कूल में पिछले कई वर्षों से खेलकूद गतिविधियों का आयोजन नहीं होने की बात भी सामने आई है।
आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
आयोग की टीम भी जल्द ही स्कूल का निरीक्षण करेगी। साथ ही, पत्र की प्रति खंड शिक्षा अधिकारी डोईवाला को भी भेजी गई है, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।



