
डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने दी बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी
देहरादून/ अपनी 27 सूत्रीय मांगों का निराकरण न होने के पश्चात सोमवार को विभिन्न जिलों से देहरादून पहुंचे डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के सदस्यों ने विशाल रैली निकालते हुए सचिवालय कूच किया।
महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड शासन ने डिप्लोमा इंजीनियर्स की समस्याओं पर अभी तक भी कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया है, जिस कारण उन्हें सोमवार को प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
इस प्रदर्शन में गढ़वाल और कुमाऊं के 4 हजार से अधिक सदस्यों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर प्रत्येक अभियंता एकजुट है और अंतिम निर्णय तक अपनी मांगों के निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रांतीय अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा ने कहा कि अभियंताओं की सामूहिक आवाज की लगातार अनदेखी की जा रही है, लेकिन प्रत्येक डिप्लोमा इंजीनियर अपनी 27 सूत्रीय मांगों को मनवा कर ही रहेगा। महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि डिप्लोमा इंजीनियर की वर्ष 2006 से चली आ रही वेतन विसंगति का समाधान करते हुए उनका प्रारंभिक ग्रेड पे 4600 किए जाने की मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है।
महासंघ की प्रमुख मांग निम्न है:-
• उन्होंने एक अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त अभियंताओं को पुरानी पेंशन बहाल करने
• विभागों में पदोन्नति अनुपात में सुधार
• फील्ड में कार्यरत अभियंताओं को सामाजिक सुरक्षा
• उत्तराखंड पेयजल विभागों का एकीकरण करते हुए राजकीय करण किए जाने
• बाहरी कार्यदायी संस्थाओं पर रोक लगाने
• तकनीकी कार्यों में राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तक्षेप बंद
डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के महासचिव वीरेंद्र गोसाईं ने कहा कि वो संवैधानिक व्यवस्था के तहत कर्मचारी संगठन हैं, लेकिन उनकी आवाज को अनसुना किया जा रहा है। शासन स्तर पर मांगें मानना तो दूर कोई उनकी मांगों को सुनने को भी तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियरों 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर समय बाद पदोन्नति और उसके अनुसार वेतनमान सुनिश्चित किए जाने की मांग लगातार उठाई जा रही है।इसके अलावा एक जनवरी 2014 के बाद नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को 10 वर्षों की सेवा पूरी होने पर 5400 का ग्रेड पे का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
महासंघ का कहना है कि जल्द ही अपनी मांगों को लेकर महासंघ की उच्चाधिकार समिति की बैठक बुलाकर आंदोलन के दूसरे चरण की घोषणा की जाएगी।



