
देहरादून। डीआईटी विश्वविद्यालय, देहरादून ने संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) क्षेत्रीय बैठक 2025 की सफलतापूर्वक मेजबानी की, जिसमें उत्तर भारत के विभिन्न महाविद्यालयों, संस्थानों और विश्वविद्यालयों से 530 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह एक दिवसीय कार्यक्रम नवाचार प्रकोष्ठ, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद तथा भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों और विश्वविद्यालयों की नवाचार परिषदों द्वारा लगभग 40 प्रतिभा–प्रदर्श पोस्टर प्रस्तुत किए गए, वहीं 40 से अधिक युक्ति नवाचार, 15 नवउद्यम प्रदर्शनी कक्ष तथा “लोकल के लिए वोकल” विषय पर आधारित “स्वदेशी उद्यमी बाज़ार” प्रमुख आकर्षण रहे, जहां अभिनव नमूने, उद्यम विचार, विज्ञान आधारित मॉडल तथा उद्यमशील उत्पादों सहित स्वदेशी वस्तुओं, पारंपरिक कला और सामुदायिक नवाचारों को बढ़ावा दिया गया। ज्ञान-विनिमय सत्र, प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा विशेषज्ञ कक्षाओं ने सभी प्रतिभागियों और नवाचार तंत्र से जुड़े सहयोगियों के बीच संवाद, सहभागिता और अनुभवाधारित सीख को सशक्त बनाया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि कमल सिंह, सहायक निदेशक, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, एन. रवि शंकर, प्रधान सलाहकार तथा प्रो. जी. रघुरामा, कुलपति डीआईटी विश्वविद्यालय ने नवाचार परिषदों की भूमिका, नवाचार संवर्धन और बहुविषयक टीम कार्य की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर डॉ. प्रवीण कुमार और डॉ. श्रुति बत्रा ने आईआईसी– डीआईटी विश्वविद्यालय की नवाचार उन्मुख पहलों तथा विश्वविद्यालय के विशिष्ट कार्यक्रम “राइज़” के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंचों तक पहुंच प्रदान करने के लिए नवाचार, उद्भवन, उद्यमिता और नवउद्यम केंद्र (सीआईआईईएस) द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।



