उत्तराखंडदेहरादून

क्लब महिंद्रा ने जिम कॉर्बेट में दूसरा रिज़ॉर्ट लॉन्च कर बढ़ाया अपना पोर्टफोलियो

  • यह लॉन्च वित्त वर्ष ’26 के दौरान 1,000  नए कमरे जोड़ने और वित्त वर्ष ‘30 तक 12,000 कमरे की व्यवस्था के लक्ष्य के अनुरूप है

रामनगर। भारत की प्रमुख लेज़र हॉस्पिटैलिटी कंपनी, महिंद्रा हॉलिडेज़ एंड रिज़ॉर्ट्स इंडिया लिमिटेड (एमएचआरआईएल) ने जिम कॉर्बेट में क्लब महिंद्रा नदिया पराओ रिज़ॉर्ट लॉन्च करने की घोषणा की, जिससे उत्तराखंड में इसकी मौजूदगी का विस्तार हुआ है।
यह लॉन्च, कंपनी की तेज़ी से विस्तार करने की रणनीति के अनुरूप है और कंपनी के भारत की सर्वश्रेष्ठ लेज़र हॉस्पिटैलिटी कंपनी बनने के लक्ष्य के साथ जुड़ा है। कंपनी का यह लक्ष्य रिज़ॉर्ट जोड़ने, पोर्टफोलियो को गुणवत्ता को बेहतरीन बनाने (प्रीमियमाइज़ेशन) और अनुशासित पूंजी आवंटन से प्रेरित है।
जिम कॉर्बेट में, एमएचआरआईएल का यह दूसरा रिज़ॉर्ट है, जिससे भारत के पसंदीदा, प्रकृति आधारित यात्रा गंतव्य में कंपनी की मौउपस्थिति बढ़ी है। यह बढ़ोतरी कंपनी के वित्त वर्ष ’26 तक 1,000 नए कमरे जोड़ने के अल्पकालिक लक्ष्य के अनुरूप है और साथ ही वित्त वर्ष ’30 तक क्लब एम के तहत 10,000 और कुल मिलाकर 12,000 कमरों तक पहुंचने के दीर्घकालिक लक्ष्य का समर्थन करती है।
महिंद्रा हॉलिडेज़ एंड रिसॉर्ट्स इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी, मनोज भट ने इस नए रिज़ॉर्ट के लॉन्च पर अपनी टिप्पणी में कहा, “हम भारत में लेज़र हॉस्पिटैलिटी का नेतृत्व करना चाहते हैं और हम जो भी करते हैं, उसके केंद्र में परिवार होता है। नदिया पराओ का लॉन्च हमारी विस्तार यात्रा में एक और कदम है। यह एक ऐसे गंतव्य में विस्तार है जहां मांग मज़बूत है और बढ़ रही है। हम अपनी विस्तार प्रक्रिया में सिर्फ रिज़ॉर्ट ही नहीं जोड़ रहे, बल्कि बेहतर अनुभव भी प्रदान कर रहे हैं, क्रियान्वयन को बेहतर बना रहे हैं, और भविष्य के लिए निर्माण कर रहे हैं।
लगभग 10 एकड़ में फैले, 57 कमरों वाले इस रिज़ॉर्ट में छुट्टी बिताने के लिए मंहगी और बेहतरीन व्यवस्था के साथ-साथ समारोहों के आयोजन का भी प्रबंध है, जिसमें बड़े, लैंडस्केप वाले लॉन से लेकर बैंक्वेट हॉल और नदी का किनारा (रिवरफ्रंट) सब कुछ शामिल है। ऐसी व्यवस्था वाले रिज़ॉर्ट छुट्टी मनाने, डेस्टिनेशन वेडिंग और कॉर्पाेरेट ऑफसाइट के लिहाज़ से बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करते हैं, ताकि एक ही परिसंपत्ति के ज़रिये कई तरह की मांग पूरी की जा सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button