
देहरादून: बसंत विहार निवासी 28 वर्षीय दिगंबर धीमान की हत्या कर शव चिड़ियापुर के जंगलों में फेंकने वाले उसके तीन फरार दोस्तों को नेहरू कॉलोनी पुलिस ने शनिवार को आईएसबीटी के पास हरिद्वार बाईपास से गिरफ्तार कर लिया। हत्या पैसों के लेन-देन के विवाद में की गई थी।
ढाई लाख रुपये को लेकर था विवाद
पुलिस के अनुसार दिगंबर ने अपने दोस्तों से करीब ढाई लाख रुपये उधार लिए थे, जिन्हें वह वापस नहीं कर रहा था। 9 फरवरी को आरोपियों ने उसे बहाने से रेसकोर्स स्थित एक घर में बुलाया। वहां तीनों ने उसके साथ बैठकर नशा किया और पैसों की मांग की।
जब दिगंबर ने पैसे देने में आनाकानी की तो आरोपियों ने उसे लोहे की रॉड, हथौड़े और पेंचकस से बुरी तरह घायल कर दिया। अत्यधिक रक्तस्राव होने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शव जंगल में फेंका, हथियार नदी में डाले
घटना के बाद मुख्य आरोपी हेमंत ने अपने परिचित टैक्सी चालक को बुलाया और शव ठिकाने लगाने के लिए पैसे देने का लालच दिया। चारों ने शव को कंबल में लपेटकर हरिद्वार अंतर्गत चिड़ियापुर के जंगलों में ले जाकर नहर किनारे रेत में दबा दिया।
हत्या में इस्तेमाल स्टील की रॉड, लोहे का हथौड़ा और मृतक के जूते नेपाली फार्म के पास पुल से नीचे सूखी नदी में फेंक दिए गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ये सामान बरामद कर लिया है।
गुमशुदगी से खुला राज
11 फरवरी को दिगंबर के पिता संतराम धीमान ने बसंत विहार थाने में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस को टैक्सी चालक से महत्वपूर्ण सुराग मिला। 17 फरवरी को चालक से पूछताछ के बाद चिड़ियापुर जंगल से दिगंबर का शव बरामद किया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने हेमंत कुमार (37), आदिल (38) और वैभव भट्ट उर्फ संजू (25) को गिरफ्तार किया है। तीनों रेसकोर्स, नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के निवासी हैं।
पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी गंभीर धाराओं और एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



