
देहरादून: बेसिक शिक्षा निदेशक पर हुए हमले के बाद शिक्षा विभाग में चल रहा आंदोलन और तेज हो गया है। आंदोलन में शामिल होने के लिए बागेश्वर जिले के गरुड़ में तैनात शिक्षा अधिकारी कमलेश्वरी मेहता को हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए देहरादून पहुंचना पड़ा।
कमलेश्वरी मेहता शिक्षा अधिकारी (प्रशासनिक संवर्ग) एसोसिएशन की कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। संगठन की आपात बैठक में शामिल होने के लिए उन्हें तत्काल देहरादून आना जरूरी था।
अफसर एसोसिएशन पर उठे सवाल
ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में हुए बवाल के बाद रविवार को संयुक्त मोर्चे की बैठक हुई। इस दौरान शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने अफसरों की एसोसिएशन की भूमिका पर सवाल उठाए।
संगठनों का आरोप था कि हमले के बाद एसोसिएशन ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी और अपनी भूमिका स्पष्ट नहीं की। इसके बाद अफसर एसोसिएशन की आपात बैठक बुलाई गई।
कमलेश्वरी मेहता ने बताया कि दूरी अधिक और समय कम होने के कारण उन्हें हेली सेवा का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि आंदोलन में उनकी उपस्थिति जरूरी थी।
पर्वतीय जिलों से भी पहुंचे अधिकारी
आंदोलन में अन्य पर्वतीय जिलों के दूरस्थ विकासखंडों से खंड शिक्षा अधिकारी भी देहरादून पहुंचे हैं। कई सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी भी आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।
12 बजे तक धरने में पहुंचेंगे शिक्षक
उत्तराखंड राज्य प्राथमिक संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बुधवार को जिले के प्राथमिक शिक्षक दोपहर 12 बजे तक धरना स्थल पर पहुंच जाएंगे। मध्याह्न भोजन योजना के संचालन के लिए केवल एक शिक्षक स्कूल में मौजूद रहेगा।
पुलिस जांच पर उठे सवाल
कर्मचारियों ने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस कार्यालय कक्ष में घटना हुई, वहां अब तक पुलिस जांच टीम ने निरीक्षण नहीं किया है। सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्य भी एकत्र नहीं किए गए हैं।



