आचार्य मनोज कुमार शर्मा को संस्कृत विषय में मिली पीएचडी की उपाधि, उत्तराखंड के आधुनिक संस्कृत कवियों पर किया शोध

देहरादून: स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय ने आचार्य मनोज कुमार शर्मा को संस्कृत विषय में शोध पूर्ण करने पर पीएचडी (विद्यावारिधि) की उपाधि प्रदान की है। उनके शोध का विषय “उत्तराखण्ड के आधुनिक प्रमुख संस्कृत कवियों की रचनाओं में काव्य सौन्दर्य तत्त्वों का निरूपण” रहा। उनकी इस उपलब्धि पर संस्कृत साहित्य जगत से जुड़े विद्वानों और शिक्षाविदों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

आचार्य मनोज कुमार शर्मा ने अपने शोध में उत्तराखंड के आधुनिक संस्कृत कवियों की रचनाओं में निहित काव्य सौंदर्य के विभिन्न तत्त्वों का अध्ययन और विश्लेषण किया। शोध के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृत साहित्यिक परंपरा और आधुनिक संस्कृत काव्य की विशेषताओं को रेखांकित किया गया है।
शोध कार्य में उनके शोध निर्देशक डॉ. आनंद मोहन जोशी और सह-शोध निर्देशक डॉ. प्रकाश चंद्र पंत का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुंदरियाल, डीन रिसर्च डॉ. एस.के. श्रीवास्तव और संस्कृत विभागाध्यक्ष सुभाष बडोला सहित अन्य विद्वानों ने उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई।
श्री गुरु राम राय लक्ष्मण संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र प्रसाद डंगवाल सहित अनेक शिक्षाविदों, संस्कृत विद्वानों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने भी आचार्य मनोज कुमार शर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वह संस्कृत भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार, संरक्षण एवं संवर्धन में आगे भी योगदान देते रहेंगे।
आचार्य मनोज कुमार शर्मा की इस उपलब्धि को उत्तराखंड की संस्कृत साहित्यिक परंपरा के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। उनकी सफलता से संस्कृत के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भी प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।



