पत्नी की हत्या के आरोपी का सामाजिक बहिष्कार, मदद करने पर 5 लाख जुर्माने का फैसला

विकासनगर। देहरादून जिले के कालसी ब्लॉक के कचटा गांव में पत्नी की हत्या के आरोपी पति के खिलाफ खत कोरू के ग्रामीणों ने सख्त फैसला लिया है। खतपट्टी कोरू की खुली बैठक में आरोपी मनोज का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। साथ ही तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति या आरोपी के परिवार का सदस्य उसकी कानूनी पैरवी, गवाही या जमानत में मदद करता है, तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसे खत से बहिष्कृत किया जाएगा।
यह मामला 8 अक्टूबर को कचटा गांव में हुई 22 वर्षीय नीलू उर्फ नीलम की हत्या से जुड़ा है। आरोप है कि उसके पति मनोज ने धारदार हथियार दरांती से गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। अगले दिन ग्रामीणों ने उसे गांव के पास एक छानी से पकड़कर राजस्व पुलिस के हवाले कर दिया था। राजस्व पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और मेडिकल कराने के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था।
इस घटना को लेकर सोमवार को खत कोरू की खुली बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खत कोरू के सदर स्याणा सुनील दत्त जोशी ने की। बैठक में 17 गांवों के ग्रामीणों ने घटना की निंदा करते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। बैठक में आरोपी के परिवार के सदस्यों ने भी मामले में उसकी पैरवी, गवाही या जमानत में सहयोग न करने की बात कही।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि खत कोरू का कोई व्यक्ति, आरोपी के परिवार की ब्याही हुई बेटियां या अन्य रिश्तेदार उसकी कानूनी लड़ाई में मदद करते हैं, तो उन पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें खत से बहिष्कृत कर दिया जाएगा। बैठक में यह भी कहा गया कि यदि आरोपी भविष्य में किसी कारणवश कानूनी प्रक्रिया के तहत रिहा हो जाता है, तब भी उसे परिवार, गांव और खत में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
खत कोरू के सदर स्याणा सुनील जोशी ने कहा कि कचटा गांव में महिला की हत्या बेहद दर्दनाक घटना है और पूरा क्षेत्र इसकी कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर के लोग शांतिप्रिय हैं और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आरोपी के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी की मदद करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सदर स्याणा सुनील जोशी के अलावा वीरेन्द्र सिंह, माया सिंह, हाकम सिंह, केदार सिंह, बलिया, विक्रम सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
क्या है खतपट्टी की परंपरा?
उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र में खतपट्टी गांवों के समूह को कहा जाता है। खतपट्टी कोरू में 17 गांव शामिल हैं, जिनमें कचटा गांव भी आता है। यह क्षेत्र अपनी विशिष्ट संस्कृति और पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था के लिए जाना जाता है। यहां सामाजिक और सामुदायिक मामलों पर चर्चा के लिए खत के सदर स्याणा के नेतृत्व में बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनमें ग्रामीण विचार-विमर्श के बाद सामूहिक निर्णय लेते हैं।



