एचएमटी रानीबाग के कर्मचारियों को हाईकोर्ट से राहत, 22 बिजली कनेक्शन फिर जुड़ने का रास्ता साफ

नैनीताल। हाईकोर्ट ने एचएमटी रानीबाग के आवासीय परिसर में रह रहे कामगार संघ के सदस्यों को बड़ी राहत दी है। लंबे समय से काटे गए 22 बिजली कनेक्शन दोबारा जारी होने का रास्ता साफ हो गया है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के पास नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने यूपीसीएल को निर्देश दिया है कि वह एचएमटी प्रबंधन की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए कर्मचारियों के आवेदनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करे और अगले सात दिनों के भीतर नियमानुसार बिजली कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया पूरी करे।
ट्रांसफार्मर खराब होने से पैदा हुआ बिजली संकट
दरअसल, एचएमटी रानीबाग फैक्ट्री लंबे समय से बंद पड़ी है, लेकिन इसके आवासीय परिसर में अब भी कर्मचारी रह रहे हैं। परिसर में लगा पुराना ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण कर्मचारियों को बिजली और पेयजल की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इसी के चलते परिसर के 22 बिजली कनेक्शन काट दिए गए थे।
सुनवाई के दौरान एचएमटी लिमिटेड और एचएमटी वॉच लिमिटेड की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि ट्रांसफार्मर की मरम्मत में करीब 1.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कंपनी के बंद होने और वित्तीय तंगी के कारण प्रबंधन इतनी बड़ी राशि खर्च करने में असमर्थ है।
एचएमटी प्रबंधन की आपत्ति के बावजूद कनेक्शन पर विचार के निर्देश
एचएमटी प्रबंधन की ओर से ट्रांसफार्मर की मरम्मत कराने में असमर्थता जताए जाने के बाद अदालत ने कर्मचारियों को यूपीसीएल में नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने की अनुमति दी। साथ ही स्पष्ट किया कि यूपीसीएल, एचएमटी प्रबंधन की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए कर्मचारियों के आवेदनों पर नियमानुसार तत्काल निर्णय ले।
20 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। इसके साथ ही एचएमटी कामगार संघ को यूपीसीएल को मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश भी दिए हैं। अदालत के आदेश से लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।



