हाईकोर्ट के आदेश पर 150 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच, 15 अगस्त से पहले लिया जाएगा पक्ष

देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी शिक्षक के रूप में कार्यरत करीब 150 शिक्षकों के दस्तावेज अब जांच के दायरे में आ गए हैं। उत्तराखंड हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (CEO) से ऐसे शिक्षकों की सूची और संबंधित जानकारी मुख्यालय भेजने को कहा है। 15 अगस्त से पहले इन शिक्षकों का पक्ष भी दर्ज किया जाएगा।
हाईकोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई जांच
मामला उत्तर प्रदेश से डीएलएड (Diploma in Elementary Education) करने वाले शिक्षकों से जुड़ा है। हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (PIL) में आरोप लगाया गया था कि कुछ अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर गलत दस्तावेजों के आधार पर उत्तराखंड में सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल की। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए।
150 शिक्षक हुए चिन्हित
शिक्षा विभाग द्वारा सभी जिलों से जानकारी जुटाने के बाद अब तक करीब 150 ऐसे शिक्षक चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश से डीएलएड करने के बाद उत्तराखंड में सरकारी शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्राप्त की है। विभाग अब इन सभी मामलों की अलग-अलग जांच करेगा।
2024 से पहले यूपी से डीएलएड करने पर उठे सवाल
विवाद की मुख्य वजह यह है कि वर्ष 2024 से पहले उत्तर प्रदेश में डीएलएड पाठ्यक्रम में प्रवेश मुख्य रूप से राज्य के मूल निवासियों के लिए ही निर्धारित था। याचिकाकर्ता का दावा है कि यदि कुछ अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के मूल निवासी नहीं थे, तो उन्होंने वहां से डीएलएड कैसे किया और बाद में उत्तराखंड में सरकारी नौकरी कैसे प्राप्त की। आरोप यह भी है कि कुछ मामलों में कथित रूप से गलत स्थायी निवास प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया गया।
15 अगस्त से पहले शिक्षकों से मांगा जाएगा जवाब
शिक्षा विभाग ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग 15 अगस्त से पहले चिन्हित शिक्षकों से उनका पक्ष जानने की तैयारी कर रहा है। जांच के दौरान संबंधित शिक्षकों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
क्या बोले प्राथमिक शिक्षा निदेशक?
प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुंवर सिंह रावत ने कहा कि यह मामला लंबे समय से हाईकोर्ट में विचाराधीन है और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 150 शिक्षकों की पहचान हुई है, जिनसे जल्द ही स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
2024 के बाद डीएलएड करने वालों को राहत
फिलहाल जांच का दायरा केवल उन शिक्षकों तक सीमित है जिन्होंने वर्ष 2024 से पहले उत्तर प्रदेश से डीएलएड किया और उसके आधार पर उत्तराखंड में सरकारी नौकरी प्राप्त की। 2024 के बाद डीएलएड करने वाले शिक्षकों पर यह जांच लागू नहीं होगी।
अभी अंतिम फैसला नहीं
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी शिक्षक के खिलाफ कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। जांच पूरी होने, संबंधित शिक्षकों का पक्ष सुनने और न्यायालय के निर्देशों के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।



