
ऋषिकेश। राजपुर रोड में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की रोडरेज में मौत के बाद सरकार ने प्रदेशभर में “ऑपरेशन प्रहार” चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बाहरी लोगों का सत्यापन और पहचान की जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड पुलिस और एलआईयू की टीम ने बुधवार को ऋषिकेश से एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार महिला सीमापार से अवैध घुसपैठ के जरिए दिल्ली पहुंची थी और 13 अप्रैल को ऋषिकेश आई थी। पुलिस के मुताबिक वह एक माह पहले बांग्लादेश बॉर्डर पार कर भारत आई थी।
फर्जी दस्तावेज बरामद
तलाशी के दौरान महिला के पास से बांग्लादेश का पहचान-पत्र, नागरिकता प्रमाण-पत्र की फोटो कॉपी, मोबाइल फोन और बांग्लादेश का फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार महिला को बॉर्डर पार कराकर ऋषिकेश तक पहुंचाने वाला रिपोन नामक शख्स फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
चारधाम ट्रांजिट केंद्र के पास से गिरफ्तारी
कोतवाल कैलास चंद्र भट्ट ने बताया कि लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) को गोपनीय सूचना मिली थी कि एक बांग्लादेशी महिला ऋषिकेश क्षेत्र में रह रही है। सूचना के बाद एलआईयू और ऋषिकेश पुलिस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महिला को चारधाम ट्रांजिट केंद्र के पीछे से गुजर रही सड़क पर घेराबंदी कर गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार महिला की पहचान 24 वर्षीय रीना उर्फ रीता पत्नी जुलहस निवासी जिला सरियातपुर, बांग्लादेश के रूप में हुई है।
रिपोन की तलाश तेज
पूछताछ में महिला ने बताया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से रिपोन नामक भारतीय व्यक्ति के संपर्क में आई थी। उसी ने रोजगार का लालच देकर उसे बॉर्डर पार कराया। 13 अप्रैल को वह दिल्ली से बस के जरिए ऋषिकेश पहुंची थी।
पुलिस ने रिपोन की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी है और मामले की जांच जारी है।



