
देहरादून : थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोकगायिका रिंकू राणा की गुरुवार को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वह होली के मौके पर अपने मायके बिडौरी आई हुई थीं। हादसा उस समय हुआ जब वह अपनी भतीजी के साथ स्कूटी से बरुगाबाग से बिडौरी की ओर जा रही थीं। रास्ते में ग्राम बिचपुरी के पास ईंटों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने दोनों को घायल अवस्था में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने रिंकू राणा को मृत घोषित कर दिया। वहीं दुर्घटना में उनकी 10 वर्षीय भतीजी भी घायल हुई है, हालांकि डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है। टक्कर मारने के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्कूटी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
रिंकू राणा बंटी राणा म्यूजिकल ग्रुप की प्रमुख लोकगायिका थीं। वह थारू समाज के पारंपरिक लोकगीतों के साथ-साथ हिंदी, कुमाऊंनी गीत और भजन भी गाया करती थीं। बचपन से ही उन्होंने अपने भाई के साथ भजन गायन की शुरुआत की थी और धीरे-धीरे लोकसंगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना ली।
उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पताल में भी परिजनों, लोक कलाकारों और परिचितों का आना-जाना लगा रहा। रिंकू राणा तीन भाइयों की इकलौती बहन थीं। उनके परिवार में एक बेटी भी है, जो चौथी कक्षा में पढ़ती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रिंकू राणा के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि लोकसंस्कृति और लोकसंगीत के संरक्षण में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
रिंकू राणा के निधन पर जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी शोक व्यक्त किया है।



