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तिब्बती मार्केट हत्याकांड का खुलासा: मां ने दी बेटे की सुपारी, 15 साल पुराना था विवाद

देहरादून। तिब्बती मार्केट के बाहर कारोबारी अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि अर्जुन की मां बीना शर्मा ने अपने सहयोगी विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और सुपारी दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं, मुख्य शूटर राजीव और उसके साथी पंकज को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। उनके पास से देसी तमंचे बरामद किए गए हैं।

15 साल पुराना था मां-बेटे के रिश्तों में विवाद

पुलिस के अनुसार अर्जुन और उसकी मां के बीच विवाद हाल का नहीं था। करीब 15 वर्ष पहले, जब अर्जुन ने पारिवारिक व्यवसाय संभालना शुरू किया, तभी से मतभेद गहराने लगे। अर्जुन व्यवसाय के पैसों के लेनदेन का विरोध करते थे।

जांच में दो बड़े कारण सामने आए पहला गैस एजेंसी के लोन को लेकर विवाद और दूसरा पैतृक संपत्ति की बिक्री को लेकर मतभेद।

अर्जुन के पिता कर्नल रमेश चंद शर्मा करीब 38 वर्ष पूर्व शहीद हुए थे। बलिदानी कोटे से परिवार को गैस एजेंसी मिली थी। इसी संपत्ति पर बैंक ऑफ बड़ौदा से करीब आठ करोड़ रुपये का लोन लिया गया था, जिसे लेकर भी परिवार में तनाव था।

14 करोड़ में संपत्ति सौदा, स्टे के बाद बढ़ा विवाद

करीब आठ माह पहले बीना शर्मा ने जीएमएस रोड स्थित पैतृक संपत्ति का सौदा डॉ. अजय खन्ना से 14 करोड़ रुपये में किया। चार करोड़ से लोन चुकाया गया, जबकि आठ करोड़ रुपये बीना के खाते में आए।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह रकम अगले ही दिन विनोद उनियाल को ट्रांसफर कर दी गई। अर्जुन इस पर नाराज थे और संपत्ति में अपना आधा हिस्सा मांग रहे थे। उन्होंने अदालत से स्टे ले लिया, जिससे सौदा अधूरा रह गया।

बताया जा रहा है कि सौदा पूरा न होने की स्थिति में रकम की दोगुनी वापसी का करार था। इसी दबाव के चलते तीनों ने मिलकर अर्जुन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

करोड़ों के लेनदेन के मिले सबूत

अर्जुन की पत्नी अभिलाषा की तहरीर पर पुलिस ने बैंक खातों की जांच की। जांच में बीना के खाते से विनोद को करोड़ों रुपये ट्रांसफर होने के सबूत मिले हैं। 20-25 करोड़ रुपये के लेनदेन के आरोपों की भी जांच जारी है।

मां के नाम पर थी कार

हत्या स्थल के पास खड़ी अर्जुन की लाल कार, जिसके नंबर में 786 अंक थे, लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। जानकारी के अनुसार यह वाहन बीना शर्मा के नाम पर पंजीकृत है।

मेरठ से लाए गए थे हथियार

मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपियों के पास से देसी तमंचे बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी पहले मेरठ में रह चुके हैं और वहीं से हथियार लाए गए थे।

पुलिस का कहना है कि मामले में वित्तीय लेनदेन, संपत्ति विवाद और आपराधिक साजिश के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।

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