
देहरादून । राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अवसर पर परिवहन विभाग, आरटीओ प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा, देहरादून द्वारा राष्ट्रपति निकेतन, देहरादून के भव्य एवं प्रेरणादायी परिसर में एक व्यापक सड़क सुरक्षा जनजागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में लगभग 130 स्कूली छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साह और अनुशासन के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित कर उन्हें भविष्य के जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना रहा।
रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखी जीवनरक्षक सड़क सुरक्षा शिक्षा
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता एवं रोड सेफ्टी क्विज के माध्यम से विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण यातायात नियमों की गहन जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि —
✔ वाहन चलाते समय एवं पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य
✔ चार पहिया वाहन में सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट आवश्यक
✔ वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग जानलेवा
✔ ओवरस्पीडिंग दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण
✔ लाल बत्ती पर न रुकना गंभीर अपराध
✔ जेब्रा क्रॉसिंग से ही सड़क पार करना सुरक्षित तरीका
✔ वाहन से बाहर कचरा फेंकना दुर्घटना एवं पर्यावरण दोनों के लिए खतरा
इन सभी बिंदुओं को सरल भाषा में समझाया गया ताकि बच्चे इन्हें जीवन भर अपनाएँ।
नुक्कड़ नाटक बना जनजागरूकता का सशक्त माध्यम
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय सलावाला के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भावनात्मक एवं प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक, जिसने सड़क दुर्घटनाओं की सच्चाई और नियमों की अनदेखी के दुष्परिणामों को मंच पर जीवंत कर दिया।
प्रतिष्ठित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के अध्यक्ष सनत कुमार सिंह, अपर परिवहन आयुक्त, उत्तराखंड रहे।
मुख्य अतिथि के रूप में एकता उनियाल, प्रबंधक राष्ट्रपति निकेतन तथा
विशिष्ट अतिथि राजीव कुमार मेहरा, संयुक्त परिवहन आयुक्त, उत्तराखंड उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में निम्नलिखित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित भाग लिया—
1. केन्द्रीय विद्यालय, अपर कैम्प, गढ़ीकैंट
2. राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, लक्खीबाग
3. एस.आर.एन. पब्लिक स्कूल, तुंतोवाला
4. सी.एन.आई. गर्ल्स इंटर कॉलेज, राजपुर रोड
5. श्री गुरु राम राय पब्लिक इंटर कॉलेज, बिंदाल
6. पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, सालावाला
डॉ. अनीता चमोला संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा )का प्रेरणादायी संदेश-
आरटीओ प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा, देहरादून डॉ. अनीता चमोला ने कहा —
“सड़क सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित नहीं है, यह एक जीवन मूल्य है। हेलमेट, सीट बेल्ट, गति नियंत्रण और ट्रैफिक नियमों का पालन हमें केवल चालान से नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा से जोड़ता है। बच्चों में आज जो संस्कार हम बोएंगे, वही कल सुरक्षित समाज बनाएंगे।”
सनत कुमार सिंह ,अपर परिवहन आयुक्त का महत्वपूर्ण वक्तव्य — गुड समैरिटन कानून पर विशेष जोर
अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने कहा — “सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाला नागरिक अपराधी नहीं बल्कि समाज का नायक होता है। मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत गुड समैरिटन (Good Samaritan) को कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है ताकि लोग बिना डर घायल की मदद करें। साथ ही हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग से बचाव और मोबाइल फोन से दूरी ही दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी रोकथाम है।”
राजीव कुमार मेहरा , संयुक्त परिवहन आयुक्त ,का वक्तव्य
संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा ने कहा — “राष्ट्रपति निकेतन जैसे ऐतिहासिक और शैक्षणिक स्थल पर बच्चों को सड़क सुरक्षा का संदेश देना अत्यंत प्रभावी पहल है। जब जागरूकता अनुभव के साथ जुड़ती है, तो उसका प्रभाव स्थायी बनता है।
राष्ट्रपति निकेतन भ्रमण से बच्चों को मिला शिक्षा और संस्कार का अनूठा अनुभव
कार्यक्रम के पश्चात सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रपति निकेतन का मार्गदर्शित भ्रमण कराया गया, जिससे बच्चों में पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन और राष्ट्रीय धरोहर के प्रति सम्मान की भावना विकसित हुई।
राष्ट्रपति निकेतन प्रशासन को विशेष आभार
परिवहन विभाग द्वाराएकता उनियाल एवं राष्ट्रपति निकेतन देहरादून की पूरी टीम के उत्कृष्ट सहयोग हेतु विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
सुश्री डॉ. अनीता चमोला ने कहा —
“राष्ट्रपति निकेतन प्रशासन के सहयोग, व्यवस्थाओं एवं समन्वय से ही यह कार्यक्रम इतने प्रभावशाली रूप में संभव हो पाया। ऐसे संस्थागत सहयोग से सड़क सुरक्षा अभियान को नई ऊँचाइयाँ मिलती हैं।”
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारीगण एव अन्य सहयोगी
- कार्यक्रम में एआरटीओ विकासनगर अनिल नेगी एवं उनकी टीम,
- प्रज्ञा पंत, अनुराधा पंत,
- श्वेता रौथाण(परिवहन कर अधिकारी)
- तथा प्रवर्तन टीम के उपस्थित रही । साथ ही सड़क सुरक्षा मित्र , उमेश्वर रावत का भी सहयोग रहा ।



