
मसूरी। मसूरी-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर होटल देवलोक के समीप प्रतिधारक दीवार क्षतिग्रस्त होने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अवैध खनन और निर्माण मानकों के उल्लंघन पर 11.64 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि करीब 80 लाख रुपये की आरसी (राजस्व वसूली प्रमाणपत्र) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में पार्षद की पत्नी समेत तीन लोगों को नामजद किया गया है। साथ ही स्वीकृत मानचित्र निरस्त कर ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए गए हैं।
संयुक्त निरीक्षण में खुलासा
जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल के निर्देश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। टीम में नगर पालिका परिषद मसूरी, कोतवाली मसूरी, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए), राष्ट्रीय राजमार्ग लोक निर्माण विभाग डोईवाला और जिला खान विभाग के अधिकारी शामिल थे।
निरीक्षण में पाया गया कि संपत्ति 349.50 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अनीता थलवाल, सुनीता धनई और सतीश गोयल के नाम दर्ज है। एमडीडीए द्वारा 420.66 वर्गमीटर निर्माण की स्वीकृति दी गई थी।
अवैध खुदाई से दीवार ध्वस्त
स्वीकृत मानचित्र के अनुसार निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे से 4.82 मीटर और मध्य रेखा से 10.07 मीटर दूरी पर होना था। लेकिन जांच में सामने आया कि जेसीबी/एक्सकेवेटर से राजमार्ग की ओर अवैध खनन किया गया।
इसके चलते पहले से जमा मलबे का भूस्खलन हुआ और मार्ग की प्रतिधारक दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यातायात को असुरक्षित मानते हुए मार्ग को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
वैकल्पिक मार्गों से यातायात
यातायात को मोतीलाल नेहरू मार्ग, हाथीपांव मार्ग और नगर पालिका मार्ग से डायवर्ट किया गया है। पुलिस को मार्ग पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने और वैकल्पिक मार्गों पर सुचारु यातायात बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
1522 घनमीटर अवैध खनन, 11.64 लाख जुर्माना
खनन विभाग की जांच में 1522.50 घनमीटर (4384.80 टन) मिट्टी मिश्रित चूना पत्थर का अवैध खनन पाया गया। रॉयल्टी की तीन गुना दर से 11,64,164 रुपये का अर्थदंड निर्धारित किया गया है।
पुनर्निर्माण का खर्च भी वसूला जाएगा
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को क्षतिग्रस्त प्रतिधारक दीवार का पुनर्निर्माण तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुनर्निर्माण पर होने वाला पूरा खर्च संबंधितों से वसूला जाएगा।
एमडीडीए को स्वीकृत मानचित्र निरस्त कर अवैध निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी तथा जनसुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।



