
उत्तराखंड। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने 10 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। यह जानकारी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान दी।
उन्होंने यह जानकारी विधायक आदेश चौहान के सवाल के जवाब में दी। मंत्री ने बताया कि देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में नए केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा जसपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों की स्थापना एक नीतिगत मामला है और इसके लिए केंद्र सरकार की स्वीकृति आवश्यक है।
अटल उत्कृष्ट स्कूलों के लिए बन रही सेवा नियमावली
विधायक बृजभूषण गैरोला के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट स्कूलों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सेवा नियमावली तैयार की जा रही है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इन स्कूलों में प्रवक्ता और एलटी शिक्षकों के 820 पद खाली हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद इन पदों को भरा जाएगा। इसके अलावा प्रधानाचार्यों और खंड शिक्षा अधिकारियों को अधिक अधिकार देने पर भी विचार किया जा रहा है।
कंप्यूटर शिक्षा के लिए नई नियुक्तियां नहीं
स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा को लेकर कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश और भाजपा विधायक महेश जीना ने सवाल उठाए। इस पर शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल कंप्यूटर शिक्षकों की नई नियुक्तियां नहीं की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में तैनात शिक्षकों को ही कंप्यूटर की ट्रेनिंग दी जा रही है। वहीं प्रदेश के 110 संस्कृत स्कूलों में से केवल 37 स्कूलों में ही कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध है।
प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद होगी भर्ती
विधायक बृजभूषण गैरोला ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में शिक्षकों की पदोन्नति नहीं होने और प्रधानाचार्यों के पद खाली होने का मुद्दा भी उठाया। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि माध्यमिक स्कूलों में रिक्त पदों पर विभागीय भर्ती परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के बाद आयोजित की जाएगी।
विधायक सुरेश गड़िया के छात्रवृत्ति संबंधी सवाल पर मंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में 21 हजार से अधिक छात्रों को 17.67 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है।
क्लस्टर स्कूल योजना की रफ्तार धीमी
‘क्लस्टर स्कूल योजना’ को लेकर पूछे गए सवाल पर शिक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि माध्यमिक स्तर पर अभी तक एक भी स्कूल का विलय नहीं हो पाया है। हालांकि प्राथमिक स्तर पर उत्तरकाशी में नौ स्कूलों का विलय किया गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में सरकार ने क्लस्टर स्कूल योजना शुरू की थी, जिसके तहत कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को नजदीकी बड़े स्कूलों में मिलाने का निर्णय लिया गया था।



