गैरसैंण में विधायक उमेश कुमार का इस्तीफे का ऐलान, बोले- अब अकेले लड़ने की स्थिति

गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के भराड़ीसैंण सत्र के पहले ही दिन खानपुर विधायक उमेश कुमार के एक ऐलान से सियासी हलचल तेज हो गई। उमेश कुमार ने सदन में अपनी बात रखते हुए विधायकी से इस्तीफा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह दुखी और व्यथित हैं तथा अब अकेले लड़ने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
उमेश कुमार ने कहा कि जिस जनपद से वह आते हैं, वहां के मुद्दों की लड़ाई भी सदन में प्रभावी ढंग से नहीं लड़ पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य विधायक उनके साथ खड़े होकर जनता के मुद्दों पर आवाज नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल से वह विपक्ष की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखते रहे कि भ्रष्टाचार, जनता और किसानों के मुद्दों पर उन्हें समर्थन मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
8 से 10 सीटों पर चुनाव लड़ाने की तैयारी
खानपुर विधायक ने कहा कि अब वह सदन में अपने समर्थकों की संख्या बढ़ाने का प्रयास करेंगे, ताकि हरिद्वार के लोगों की लड़ाई मजबूती से लड़ सकें। उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना चाहते हैं और प्रदेश से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहते हैं। उनकी कोशिश होगी कि उन्हें मदद के लिए विपक्ष की ओर न देखना पड़े।
नया विपक्षी दल तैयार करने के सवाल पर उमेश कुमार ने कहा कि वह इस दिशा में प्रयास करेंगे। यदि लोग उनके साथ जुड़ते हैं, तो वह ऐसा कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को लगेगा कि वह महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आवाज उठाएंगे, तो उन्हें समर्थन मिल सकता है। उन्होंने 8 से 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़वाने की संभावना भी जताई।
सभी दलों को मौका मिला, अब बदलाव की कोशिश करेंगे
उमेश कुमार ने कहा कि उत्तराखंड में सभी राजनीतिक दलों को मौका दिया जा चुका है, लेकिन उनके अनुसार प्रदेश में अपेक्षित बदलाव नहीं आया है। ऐसे में वह अपनी ओर से बदलाव लाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों से लोग उनसे संपर्क करेंगे, वहां जाकर वह लोगों की समस्याएं उठाएंगे।
विधानसभा सत्र के पहले दिन उमेश कुमार के इस बयान से प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उन्होंने इस्तीफे का ऐलान किया है, लेकिन उनके इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया और आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।



